Chandauli News: विधायक सुशील सिंह ने कहा, अपने भाई और बेटे पर भरोसा रखिए, नहीं जाने देंगे किसानों की उपजाऊ जमीन.
"सैयदराजा विधानसभा क्षेत्र में दर्जनों गांवों के 6 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि के अधिग्रहण को रोकने के लिए किसानों द्वारा महापंचायत बुलाई गई। महापंचायत में शामिल सैयदराजा विधायक सुशील सिंह को किसानों ने अपना मांग पत्र सौंपा और धान का पौधा लगाया, गमले पर लिखा था "खतरे में धान का कटोरा।" विधायक सुशील ने किसानों से कहा कि जब तक आपका भाई और बेटा हैं, हम उपजाऊ जमीन को नहीं जाने देंगे"
chandauli
9:51 PM, Aug 23, 2025
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विधायक सुशील सिंह को धान के कटोरे का प्रतिरूप देते किसान
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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। बरहनी ब्लॉक परिसर में शनिवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के किसानों ने 6 हजार हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण को रोकने के लिए सैयादराजा विधायक सुशील सिंह को एक विज्ञप्ति सौंपी। किसानों ने गमले में धान का पौधा लगाया, जिस पर लिखा था "खतरे में धान का कटोरा," और स्मृति चिन्ह देकर विधायक सुशील सिंह को सम्मानित किया। सैयादराजा विधायक सुशील ने किसानों से कहा कि जब तक आपका भाई और बेटा हैं, हम उपजाऊ जमीन को नहीं जाने देंगे। और इस सर्किल रेट से किसानों का भला नहीं हो सकता है। कुछ दिन पहले माननीय मुख्यमंत्री जी से मुलाकात के दौरान हमारे दिमाग में आया कि चार महीने पहले मुख्यमंत्री जी ने कहा था कि चंदौली में कोई जमीन दिला सकते हैं।
हमने पूछा कि माननीय मुख्यमंत्री जी, कैसी जमीन मिलनी चाहिए। हमारा क्षेत्र किसानों का क्षेत्र है। हमारे जनपद में समतल क्षेत्र हैं, जैसे नौगढ़ और चकिया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारे पास बड़ी-बड़ी कंपनियां आ रही हैं। हम चाहते हैं कि बनारस से सटा चंदौली जनपद रहे, और कंपनियां सोनभद्र जाना चाहती हैं। लेकिन हमने कहा कि वहां की जमीन सस्ती है। चंदौली में काम होना चाहिए। हमने महाराज जी से पूछा कि जमीन कितनी चाहिए। उन्होंने कहा, "हम बताएँगे।" लेकिन हमने उन कंपनियों को सरकार में बैठे अधिकारियों से कह दिया कि सर्वे का काम शुरू कराएँ। और सर्वे आपका नहीं हो रहा है। इस जनपद की चारों विधानसभाओं में सर्वे हो रहा है। लेकिन किसान बैठक केवल बरहनी में ही कर रहे हैं। सर्वे तो चारों विधानसभा में हो रहा है, लेकिन बैठक हमारे यहाँ हो रही है। क्या आपको अपने बेटे और भाई पर विश्वास नहीं है? क्या आपको हमसे बात करनी चाहिए थी? मैंने आपको विधायक बनाया है, सरकार आपकी है।
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किसानों की जमीन जाने की बात चल रही है। अगर आसानी से बात कर ली होती, तो बैठक करने की ज़रूरत ही नहीं होती। मैंने देखा कि इस गाँव में बैठक हो रही है, जबकि विपक्षियों को भी मौका मिलने लगा है। विपक्षी का भी दुकान चलने लगा है, लेकिन उन्हें आपके भावनाओं से कोई मतलब नहीं है। अगर भावनाओं से मतलब होता, तो मैं आपको बता देता कि आपकी रिश्तेदारियाँ बनारस में भी बहुत होंगी। हमारे कैपेसिटी क्षेत्र में, कैपेसिटी चौराहा से बाबतपुर डबल लेन सड़क बनी थी, जो अखिलेश यादव की सरकार में बनाई गई थी। उस सड़क की लागत पचास करोड़ रुपए थी। अखिलेश यादव सरकार ने किसानों को उसका मुआवजा नहीं दिया। जब हमारी सरकार 2017 में बनी, तो वहाँ के किसानों की बात हमने विधायक डॉ. अवधेश सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री जी से की।
महाराज जी ने कहा कि सर्वे करो और सभी किसानों को मुआवजा देने का काम शुरू करो, जिसके लिए 250 करोड़ रुपए का मुआवजा किसानों को दिया गया। क्या यह छोटा विषय है? क्योंकि हम किसानों के दर्द को समझते हैं। हमारी सरकार किसानों के हित के लिए काम करती है। सरकार बनते ही योगी जी ने बड़ा फैसला लिया, जिसमें 39 करोड़ किसानों का कर्जा माफ किया गया। किसान सम्मान योजना शुरू हुई, जो आज देश के हर किसान को मिल रही है, चाहे वह किसी जाति या धर्म की हो। किसान चाहे छोटा हो या बड़ा, सभी को सम्मान योजना का लाभ मिल रहा है। आपके भाई और बेटा किसानों की उपजाऊ जमीन नहीं जाने देंगे। किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष शिवबचन सिंह, तहसील अध्यक्ष सुमंत सिंह अन्ना, संतविलाश सिंह, मृत्युंजय सिंह दिप्पू, महेश्वर सिंह, डॉ. समर बहादुर सिंह, श्रवण सिंह, दिनानाथ श्रीवास्तव, अध्यक्षता विजय नारायण सिंह और संचालन रतन सिंह ने किया।



