Chandauli News: बबुरी कस्बे में बंदरों का आतंक, वन विभाग पर उदासीनता के आरोप.
"स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द उत्पाती बंदरों को पकड़कर सुरक्षित रूप से जंगलों में छोड़ा जाए, ताकि बबुरी कस्बे के लोग इस भय से मुक्त होकर सामान्य जीवन जी सकें।"
chandauli
11:26 PM, Feb 4, 2026
Share:


बबूरी कस्बे में घर की छतो पर उत्पात मचाते बंदर
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: अजीत जायसवाल, बबूरी, (चंदौली).
चंदौली। बबुरी कस्बा इन दिनों उत्पाती बंदरों के आतंक से पूरी तरह त्रस्त है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बंदरों का आतंक अब सड़कों और छतों तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि वे बेखौफ होकर लोगों के घरों की किचन तक पहुंच रहे हैं। किचन में रखे खाने-पीने के सामान को गिराकर बर्बाद करना या उठाकर ले जाना आम बात हो गई है, जिससे गृहणियों में भय का माहौल बना हुआ है। स्थिति यह है कि आए दिन बंदर छोटे-छोटे बच्चों को दौड़ा रहे हैं और काटने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। इससे अभिभावक बच्चों को अकेले बाहर भेजने से कतरा रहे हैं। वहीं घरों की छतों पर सूखने के लिए रखे अनाज को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। बंदरों द्वारा पानी की टंकियों और पाइपों को तोड़ने से कई मोहल्लों में जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
सबसे ज्यादा परेशानी कस्बे के व्यापारियों को झेलनी पड़ रही है। दुकानों के बाहर टंगे चिप्स, कुरकुरे और नमकीन के पैकेट बंदर उठाकर ले जा रहे हैं, जिससे व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। फल विक्रेताओं की हालत और भी खराब है, जहां बंदर खुलेआम फल उठाकर फरार हो रहे हैं और व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, बंदर बिजली के खंभों पर चढ़कर केबलों को जोर-जोर से झकझोरते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट की घटनाएं बढ़ रही हैं और कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
विज्ञापन
कस्बे के लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार वन विभाग को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। विभाग की उदासीनता को लेकर लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द उत्पाती बंदरों को पकड़कर सुरक्षित रूप से जंगलों में छोड़ा जाए, ताकि बबुरी कस्बे के लोग इस भय से मुक्त होकर सामान्य जीवन जी सकें।
