Chandauli News: यूपी की न्यायिक व्यवस्था को नई पहचान, देश के लिए मॉडल बनेगा चंदौली.
"सीएम योगी ने भरोसा दिलाया कि छह जिलों में निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूरा किया जाएगा, जबकि सोनभद्र सहित शेष चार जिलों की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे न्यायिक इतिहास में यादगार पहल बताया।"
chandauli
6:29 PM, Jan 17, 2026
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भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत जी को मोमेंटो भेंट करते सीएम योगी
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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। उत्तर प्रदेश में न्यायिक ढांचे को आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बनाने की दिशा में शनिवार को एक अहम कदम उठाया गया। देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की मौजूदगी में प्रदेश के छह जिलों चंदौली, महोबा, अमेठी, शामली, हाथरस और औरैया में इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स निर्माण का शुभारंभ किया गया। इस पहल को भारतीय न्यायिक प्रणाली में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा तैयार की गई 10 नए कोर्ट कॉम्प्लेक्स की योजना आने वाले समय में देशभर के लिए उदाहरण बनेगी। उन्होंने कहा कि जिला न्यायालयों की स्थापना का मूल उद्देश्य आम नागरिक को समयबद्ध और सुलभ न्याय देना था, और ये आधुनिक परिसर उसी सोच को मजबूती देंगे।
न्याय के मंदिर बनेंगे ये परिसर
सीजेआई न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि प्रस्तावित कोर्ट कॉम्प्लेक्स केवल भवन नहीं, बल्कि ऐसे न्यायिक केंद्र होंगे जो अगले 50 वर्षों तक न्यायिक कार्यों की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम रहेंगे। इनमें आम लोगों की सुविधा, तकनीक, सुरक्षा और पहुंच हर पहलू का ध्यान रखा गया है। उन्होंने महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग बार भवन और सभी परिसरों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मजबूत लोकतंत्र की बुनियाद है मजबूत न्यायपालिका
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इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती न्यायपालिका की मजबूती से जुड़ी होती है। जब आम आदमी को सरल, सस्ता और शीघ्र न्याय मिलता है, तभी शासन व्यवस्था पर विश्वास कायम रहता है। उन्होंने कहा कि न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में प्रदेश सरकार किसी भी स्तर पर देरी नहीं करती। मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में छह जनपदों के लिए धनराशि जारी कर दी गई है। चंदौली जनपद को करीब 286 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा चुकी है। डिजाइन और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं और शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य एलएंडटी जैसी अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा कराया जाएगा।
एक ही छत के नीचे पूरी न्यायिक व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटीग्रेटेड कोर्ट कॉम्प्लेक्स में अदालतों के साथ-साथ अधिवक्ताओं के लिए आधुनिक चैंबर, न्यायिक अधिकारियों के लिए आवास, खेल सुविधाएं, पार्किंग और कैंटीन जैसी व्यवस्थाएं भी होंगी। इसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े हर व्यक्ति को बेहतर कार्य वातावरण देना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छह जिलों में निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूरा किया जाएगा, जबकि सोनभद्र सहित शेष चार जिलों की प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने इसे न्यायिक इतिहास में यादगार पहल बताया।
कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, पंकज मित्थल, मनोज मिश्रा, राजेश बिंदल, इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरुण भंसाली सहित कई वरिष्ठ न्यायाधीश, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
