Chandauli News: गंगा में डूबे युवक का 24 घंटे बाद भी नहीं लगा सुराग, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम.
"बुद्धपुर गांव निवासी 18 वर्षीय मंगल यादव पुत्र किशुनदेव यादव अपने तीन साथियों के साथ भैंस लेकर गंगा नदी में स्नान करने गया था। स्नान के दौरान सभी युवक तैरकर गंगा पार करने लगे। इसी दौरान तेज धारा की चपेट में आने से मंगल गहरे पानी में डूब गया।"
chandauli
9:49 PM, May 12, 2026
Share:


सड़क जाम करते ग्रामीण मौके पर पहुंची पुलिस
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। धानापुर क्षेत्र में गंगा नदी में डूबे युवक मंगल यादव का 24 घंटे बाद भी कोई सुराग नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मंगलवार को ग्राम प्रधान मनोज उपाध्याय के नेतृत्व में ग्रामीणों ने धानापुर-चहनिया मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सकलडीहा एसडीएम समेत उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार और प्रभारी निरीक्षक त्रिवेणी लाल सेन ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम लगातार तलाश अभियान चला रही है, लेकिन युवक का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। टीम द्वारा असमर्थता जताए जाने से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। चक्काजाम के चलते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गया। बताया जा रहा है कि यह घटना सोमवार सुबह की है। बुद्धपुर गांव निवासी 18 वर्षीय मंगल यादव पुत्र किशुनदेव यादव अपने तीन साथियों के साथ भैंस लेकर गंगा नदी में स्नान करने गया था। स्नान के दौरान सभी युवक तैरकर गंगा पार करने लगे। इसी दौरान तेज धारा की चपेट में आने से मंगल गहरे पानी में डूब गया। साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।
विज्ञापन
घटना की सूचना के बाद परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण गंगा घाट पर पहुंच गए थे। पुलिस ने नाव और गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई। बाद में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया, लेकिन मंगलवार दोपहर तक युवक का कोई पता नहीं चल सका। चक्काजाम की सूचना पर सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ भी धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यदि प्रशासन समय रहते सक्रिय होता तो ग्रामीणों को सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार से नाव में तेल भरवाने के लिए पैसे लिए गए थे, जिसे बाद में वापस कराया गया। पूर्व विधायक ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पीड़ित परिवार से मुलाकात न करने पर भी सवाल खड़े किए।
