Chandauli News: 20 गोवंश के साथ तीन तस्करों को पुलिस ने दबोचा, जंगल के रास्ते जा रहे थे बिहार.
"पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आसपास के गांवों से सस्ते दामों पर गोवंश खरीदते थे और पुलिस से बचने के लिए लौवारी व लेडहा जंगल के रास्ते उन्हें पैदल बिहार के करकटगढ़ इलाके तक पहुंचाते थे। वहां से गोवंशों को वध के लिए पश्चिम बंगाल भेजा जाता था। इस अवैध कारोबार से होने वाले मुनाफे को आरोपी आपस में बांट लेते थे।"
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8:19 PM, May 11, 2026
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नौगढ़ पुलिस की गिरफ्त में गोवंश तस्कर
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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। नौगढ़ थाना पुलिस ने गोवध और पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 गोवंश बरामद कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी जंगल के रास्ते गोवंशों को पैदल बिहार ले जा रहे थे, जहां उन्हें वध के लिए ऊंचे दामों पर बेचा जाना था।
नौगढ़ पुलिस ने रविवार की शाम शाम मुखबिर की सूचना पर औरवाटाड़ जंगल क्षेत्र में छापेमारी की। इस दौरान 20 गोवंशों को क्रूरता पूर्वक एक-दूसरे से बांधकर मारते-पीटते हुए पैदल ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज कोल व राम मूरत कोल दोनों निवासी नरकटी (सेहुआ) और मुन्ना प्रसाद कोल निवासी लौवारी खुर्द थाना नौगढ़ जनपद चंदौली के रूप में हुई है।
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पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आसपास के गांवों से सस्ते दामों पर गोवंश खरीदते थे और पुलिस से बचने के लिए लौवारी व लेडहा जंगल के रास्ते उन्हें पैदल बिहार के करकटगढ़ इलाके तक पहुंचाते थे। वहां से गोवंशों को वध के लिए पश्चिम बंगाल भेजा जाता था। इस अवैध कारोबार से होने वाले मुनाफे को आरोपी आपस में बांट लेते थे। इस मामले में नौगढ़ थाने में गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आसपास के गांवों से सस्ते दामों पर गोवंश खरीदते थे और पुलिस से बचने के लिए लौवारी व लेडहा जंगल के रास्ते उन्हें पैदल बिहार के करकटगढ़ इलाके तक पहुंचाते थे। वहां से गोवंशों को वध के लिए पश्चिम बंगाल भेजा जाता था। इस अवैध कारोबार से होने वाले मुनाफे को आरोपी आपस में बांट लेते थे। इस मामले में नौगढ़ थाने में गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
