Chandauli News: उर्वरक दुकानों पर छापेमारी, पांच विक्रेताओं को नोटिस.
“चंदौली में शुक्रवार को कृषि विभाग की टीमों ने उर्वरक बिक्री केंद्रों पर औचक छापेमारी की। जांच के दौरान अनियमितता मिलने और दुकानें बंद पाए जाने पर पांच विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। विभाग ने जिले में खाद का पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया है।”
chandauli
9:20 PM, Aug 7, 2026
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उर्वरक बिक्री केंद्र का निरीक्षण करते कृषि विभाग के अधिकारी।
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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। जिले में उर्वरक की बिक्री में अनियमितता रोकने के लिए शुक्रवार को कृषि विभाग की टीमों ने विभिन्न तहसीलों में खाद की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर हुई कार्रवाई के दौरान कुल 10 उर्वरक के नमूने लिए गए। जांच में रजिस्टर अधूरा मिलने, रेट बोर्ड नहीं लगे होने और कुछ दुकानें बंद पाए जाने पर पांच विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने कंदवा स्थित मेसर्स गुप्ता खाद भंडार का निरीक्षण किया। यहां वितरण रजिस्टर अधूरा मिला और दुकान पर रेट बोर्ड भी नहीं लगा था। इस पर संचालक को नोटिस जारी किया गया। वहीं तलाशपुर के मेसर्स प्रकाश खाद भंडार, कंदवा के मेसर्स श्रीराम फर्टिलाइजर और मेसर्स आलोक उर्वरक केंद्र बंद मिले। इन दुकानदारों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसी क्रम में वरिष्ठ प्राविधिक सहायक डॉ. पूजा त्रिपाठी ने चकिया और नौगढ़ तहसील क्षेत्र में उर्वरक बिक्री केंद्रों की जांच की। इस दौरान मेसर्स रिशु कृषि केंद्र पर रेट बोर्ड नहीं लगा मिला और वितरण रजिस्टर भी अपडेट नहीं था। मामले में विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
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जिला कृषि अधिकारी ने किसानों से खाद की कमी को लेकर किसी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देने की अपील की। उन्होंने बताया कि जिले में वर्तमान में 19,545 मीट्रिक टन यूरिया, 5,088 मीट्रिक टन डीएपी, 372 मीट्रिक टन एमओपी, 3,992 मीट्रिक टन एनपीके और 13,507 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है अधिकारियों ने किसानों से उर्वरक खरीदते समय फार्मर आईडी साथ लाने को कहा है। फार्मर आईडी नहीं होने पर प्रमाणित खतौनी दिखाकर भी खाद खरीदी जा सकती है। जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी नहीं बनी है, उन्हें जल्द बनवाने की सलाह दी गई है।
वहीं उर्वरक विक्रेताओं को बिक्री केंद्र पर लाइसेंस, रेट बोर्ड, स्टॉक और वितरण रजिस्टर अपडेट रखने तथा निर्धारित दर पर ही खाद बेचने की हिदायत दी गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ओवररेटिंग या अन्य अनियमितता की शिकायत साक्ष्य के साथ मिलने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
