Chandauli News: भारत CARICOM संसदीय मैत्री समूह में राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह नामित.
"राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह का इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संसदीय समूह में मनोनयन उनके नेतृत्व, सक्रियता और जनसेवा के प्रति समर्पण का प्रतीक है। यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सम्मान है, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और सशक्त लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व का भी प्रमाण है।"
chandauli
8:27 PM, Mar 3, 2026
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गृहमंत्री अमित शाह से मुलाक़ात करती राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह
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Story By: विवेकानंद.
चंदौली। जनपद से राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह को भारत कैरेबियाई देशों के संसदीय सहयोग को सशक्त बनाने वाले प्रतिष्ठित भारत–CARICOM संसदीय मैत्री समूह का सदस्य नामित किया गया है। यह नियुक्ति लोकसभा सचिवालय के कॉन्फ्रेंस एवं प्रोटोकॉल प्रभाग द्वारा 18वीं लोकसभा की अवधि के लिए की गई है, जो किसी भी सांसद के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
नियुक्ति का महत्व
यह संसदीय मैत्री समूह विभिन्न देशों के सांसदों के बीच संवाद, नीति-विचार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देता है। ऐसे समूह वैश्विक मंचों पर लोकतांत्रिक मूल्यों, व्यापारिक साझेदारी, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन, तकनीक, स्वास्थ्य और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। CARICOM देशों के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्रवासी भारतीयों की मजबूत उपस्थिति के कारण विशेष महत्व रखते हैं। इस समूह में सक्रिय भागीदारी से भारत की संसद का प्रतिनिधित्व वैश्विक स्तर पर और प्रभावशाली बनता है।
अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दृष्टि से महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति बहुपक्षीय सहयोग, वैश्विक साझेदारी और विकासशील देशों के साथ संबंधों को प्राथमिकता दे रही है। ऐसे संसदीय मंचों में भारतीय प्रतिनिधियों की भागीदारी भारत की “वैश्विक दक्षिण” (Global South) की आवाज को मजबूत करती है और विकास, तकनीक तथा निवेश के नए अवसर खोलती है।
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प्रदेश के लिए गौरव
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के जनप्रतिनिधि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। दर्शना सिंह का चयन न केवल उनकी संसदीय सक्रियता और अनुभव का प्रमाण है, बल्कि चंदौली तथा पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय भी है।
संसदीय भूमिका और अपेक्षाएँ
विशेषज्ञों के अनुसार, इस मंच पर उनकी भागीदारी से • भारत–कैरेबियाई देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग बढ़ सकता है • शिक्षा, आईटी और कृषि तकनीक में साझेदारी के नए अवसर बन सकते हैं • सांस्कृतिक कूटनीति और प्रवासी भारतीय संबंध मजबूत होंगे • जलवायु परिवर्तन और समुद्री सुरक्षा जैसे वैश्विक मुद्दों पर साझा रणनीति बन सकती है
