Chandauli News: आरपीएफ ने 6 बाल मजदूरों को कराया मुक्त, एक तस्कर गिरफ्तार.
"डीडीयू आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप रावत ने बताया कि बच्चों को तस्कर गुजरात के राजकोट ले जा रहा था। जहां आइसक्रीम फैक्ट्री में उन्हें काम करना था। इसके बदले ₹13000 महीने उनको देना था। तस्कर ने बच्चों के परिजनों को ₹1000 एडवांस भी दिया था। बच्चों को चाइल्ड लाइन के हवाले कर दिया गया है। जबकि तस्कर को मुगलसराय पुलिस के हवाले किया गया है।"
chandauli
8:47 AM, Jan 14, 2026
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आरपीएफ थाने में नाबालिक बच्चे और पकड़ा गया तस्कर
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Story By: संतोष, ब्यूरो हेड, पूर्वांचल भास्कर.
चंदौली। ऑपरेशन आहट के तहत डीडीयू आरपीएफ ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 नाबालिग बच्चों को बाल मजदूरी के लिए ले जाए जाने से बचाया है, जबकि एक बाल तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ डीडीयू पोस्ट के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में बचपन बचाओ आंदोलन की सहायक परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता, चाइल्ड हेल्प डेस्क एवं सीआईबी टीम को मुखबिर से सूचना मिली। सूचना के आधार पर डीडीयू स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 3/4 पर चेकिंग के दौरान चार नाबालिग बच्चियां और दो नाबालिग बच्चे डरे-सहमे हालत में मिले। उनके साथ मौजूद एक युवक की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर सभी से पूछताछ की गई।
प्राथमिक पूछताछ में मामला बाल मजदूरी से जुड़ा पाए जाने पर सभी 6 नाबालिग बच्चों और उन्हें ले जा रहे युवक को आरपीएफ डीडीयू पोस्ट लाया गया। बच्चों ने अपना नाम सुमंती कुमारी (16), रानी कुमारी (17), मुस्कान कुमारी (17) निवासी थाना पांकी, जिला पलामू (झारखंड), शकुंतला कुमारी (17) निवासी जिला लातेहार (झारखंड), राहुल भुइयां (17) निवासी पांकी पलामू और मोनू कुमार (17) निवासी लातेहार बताया। नाबालिग बच्चों ने बताया कि उन्हें ले जाने वाला व्यक्ति कृष्णा कुमार चौधरी (22) पुत्र संतोष प्रसाद, निवासी नवागढ़ थाना लातेहार, जिला लातेहार (झारखंड) है, जो उन्हें गुजरात के राजकोट में आइसक्रीम फैक्ट्री में काम दिलाने के लिए ले जा रहा था। आरोपी ने 12 घंटे काम के बदले 13 हजार रुपये प्रतिमाह देने का लालच दिया था।
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पूछताछ में आरोपी कृष्णा कुमार ने स्वीकार किया कि उसने बच्चों के माता-पिता को प्रति बच्चा एक से डेढ़ हजार रुपये देकर अपने खर्च पर टिकट कराकर उन्हें राजकोट ले जाने की योजना बनाई थी। परिजनों से संपर्क करने पर उन्होंने बताया कि जहां बच्चों से काम कराया जाना था, उस स्थान के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। मामले को गंभीर पाते हुए आरपीएफ ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और रेस्क्यू किए गए सभी नाबालिग बच्चों को सुरक्षित चाइल्ड हेल्प डेस्क को सुपुर्द कर दिया। बाल मजदूरी के लिए ले जाने वाले आरोपी कृष्णा कुमार को अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए कोतवाली मुगलसराय को सौंप दिया गया है।
इस अभियान में आरपीएफ उप निरीक्षक सरिता गुर्जर, सहायक उप निरीक्षक गौतम कुमार सिंह, आरक्षी अशोक यादव, सीआईबी के आरक्षी नागेंद्र सिंह व अवधेश प्रताप पांडेय, बचपन बचाओ आंदोलन की चंदा गुप्ता और चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुजीत कुमार सहित अन्य कर्मी शामिल रहे।
