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Chandauli News: सियालदह से अजमेर जा रही ट्रेन से आरपीएफ ने 8 नाबालिक बच्चों को किया रेस्क्यू.

"डीडीयू आरपीएफ की इस कार्रवाई से नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है और संभावित बाल श्रम व तस्करी की घटनाओं पर समय रहते रोक लग सकी है"

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7:02 PM, Jan 9, 2026

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Chandauli News: सियालदह से अजमेर जा रही ट्रेन से आरपीएफ ने 8 नाबालिक बच्चों को किया रेस्क्यू.
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डीडीयू जंक्शन पर अजमेर सियालदह एक्सप्रेस से रेस्क्यू किया गया नाबालिक के साथ RPF की टीम

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Story By: संदीप कुमार, बड़े बाबू, डीडीयू नगर (चंदौली).

चंदौली। डीडीयू आरपीएफ, बचपन बचाओ आंदोलन और चाइल्ड लाइन हेल्प डेस्क की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आठ नाबालिग बच्चो को सुरक्षित रेस्क्यू किया। ये सभी नाबालिग 12987 अप सियालदह अजमेर एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच से बरामद किए गए। सभी बच्चे जयपुर काम करने के लिए जा रहे थे।
जानकारी के अनुसार, बरामद किए गए आठ नाबालिगों में छह किशोर बिहार के कैमूर और रोहतास जनपद के निवासी हैं, जो काम करने के उद्देश्य से जयपुर जा रहे थे। वहीं दो किशोर पश्चिम बंगाल के 24 साउथ परगना जिले के रहने वाले हैं, जो परिवार वालों से नाराज होकर घर छोड़कर अजमेर काम करने के लिए निकले थे।

आरपीएफ पीडीडीयू पोस्ट के निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि भटके हुए या घर से नाराज होकर भागे बच्चों की सुरक्षा और तस्करी पर रोक लगाने के लिए ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते और ऑपरेशन आहट के तहत लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार सुबह स्टेशन पर अप व डाउन ट्रेनों के साथ-साथ प्लेटफार्मों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।

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सुबह करीब 09:20 बजे अप अजमेर–सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन प्लेटफार्म संख्या आठ पर पहुंची, जहां आरपीएफ एसआई अर्चना मीणा, अश्वनी कुमार, एएसआई शाहिद खान, सतीश सिंह, आरक्षी अशोक यादव, बचपन बचाओ आंदोलन की सहायक परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता तथा चाइल्ड हेल्प डेस्क की सीमा यादव की टीम ने जनरल कोच की जांच की। जांच के दौरान आठ नाबालिग संदिग्ध अवस्था में पाए गए, जिन्हें उतारकर आरपीएफ पोस्ट लाया गया।
आरपीएफ पोस्ट पर सभी नाबालिगों की काउंसिलिंग की गई। उनकी उम्र 13 से 16 वर्ष के बीच पाई गई। पूछताछ के बाद सभी किशोरों के परिजनों को सूचना दी गई और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को सुरक्षित रूप से उनके घर पहुंचाने के लिए चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया। आरपीएफ की इस कार्रवाई से नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है और संभावित बाल श्रम व तस्करी की घटनाओं पर समय रहते रोक लग सकी है।


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