Chandauli News: एग्मोर एक्सप्रेस से आरपीएफ ने तीन बाल मजदूरों को बचाया, एक मानव तस्कर गिरफ्तार.
"आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी, बिहार के गया जिले के निवासी 30 वर्षीय विरहिन मांझी, मानव तस्कर है और तीनों बच्चों को गया से एग्मोर एक्सप्रेस से बाल मजदूरी के लिए चेन्नई ले जाया जा रहा था। सभी बच्चों को मजदूरी के एवज में 12 घंटे काम करने के बदले 14 हजार प्रति माह दिया जाना था"
chandauli
8:37 PM, Sep 28, 2025
Share:


आरपीएफ की गिरफ्त में मानव तस्कर
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: संदीप कुमार, बड़े बाबू, डीडीयू नगर.
चंदौली। आरपीएफ डीडीयू पोस्ट के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में बचपन बचाओ आंदोलन की सहायक परियोजना अधिकारी चंदा गुप्ता और चाइल्ड हेल्प डेस्क की टीम द्वारा डीडीयू स्टेशन पर चेकिंग अभियान चलाया गया। जांच के दौरान गया-चेन्नई एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच से तीन नाबालिगों और एक संदिग्ध व्यक्ति को उतारा गया। नाबालिगों ने पूछताछ के दौरान बताया कि युवक उन्हें काम कराने के लिए चेन्नई ले जा रहा है।
इस संबंध में आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत ने बताया कि टीम के साथ स्टेशन पर जांच की जा रही थी। तभी गया-चेन्नई एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच से तीन नाबालिगों और एक संदिग्ध व्यक्ति को उतारकर आरपीएफ थाना लाया गया। इस दौरान बच्चों को डरे-सहमे हालात में देखा गया। बच्चों की जब काउंसलिंग की गई तो उनका डर दूर हुआ। आरोपी, तीस वर्षीय विरहिन मांझी, निवासीगमहरीया, थाना डोभी, जिला गया, बिहार, मानव तस्कर है और तीनों बच्चों को गया से एग्मोर एक्सप्रेस से बाल मजदूरी के लिए चेन्नई ले जाया जा रहा था। सभी बच्चों ने बताया कि उन्हें मजदूरी के एवज में 12 घंटे काम करने के बदले 14 हजार प्रति माह दिया जाना था।
विज्ञापन
बच्चों को ले जाने के लिए गाड़ी का किराया एवं खाने-पीने का खर्च आरोपी मानव तस्कर विरहिन मांझी द्वारा दिया गया है। बरामद बच्चों ने पूछताछ में अपना नाम और पता अनोज कुमार, 14 वर्ष; धर्मेंद्र कुमार, 16 वर्ष; राजकुमार, 17 वर्ष; निवासी डोभी, गया, बिहार बताया। पूछताछ के उपरांत मामला बाल मजदूरी का पाए जाने पर रेस्क्यू किए गए तीनों नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रूप से चाइल्ड हेल्प डेस्क को सुपुर्द किया गया। विरहिन मांझी को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए मुगलसराय कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।



