Chandauli News: दोयम दर्जे की ईंट का इस्तेमाल देख भड़के पूर्व सपा विधायक, लगाया आरोप, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नहर पक्कीकरण परियोजना.
Chandauli News: दोयम दर्जे की ईंट का इस्तेमाल देख भड़के पूर्व सपा विधायक, लगाया आरोप, भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी नहर पक्कीकरण परियोजना.
12:00 AM, May 8, 2025
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Story By: खुशहाल पठान।
चंदौली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव व सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू गुरुवार को एक बार फिर किसानों के मुद्दे पर मुखर नजर आए। क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्होंने चिरईगांव पम्प कैनाल से निकली नहर के पक्कीकरण कार्य की गुणवत्ता को देखा। सड़क किनारे पड़ी दोयम दर्जे की ईंट की गुणवत्ता को देख उन्होंने विभाग की कार्य प्रणाली पर सवाल खड़े किए। साथ ही किसानों को सजग व जागरूक किया कि अपने क्षेत्र में हो रहे काम की गुणवत्ता को खुद परखें और उसे सुधारवाएं, अन्यथा एक साल बार फिर से परेशानी का सामना करने के लिए तैयार रहें। दरअसल, सपा के राष्ट्रीय सचिव मनोज सिंह डब्लू गुरुवार को क्षेत्र भ्रमण पर थे। इसी दौरान वे चिरईगांव पम्प कैनाल से निकली नहर के पक्कीकरण कार्य को देख रहे थे तो काफिले को रोका। उन्होंने निर्माणाधीन काम को देखा। साथ ही काम में प्रयोग की जा रही दोयम दर्जे की ईंट को देखा और उसे लड़ाकर देखा तो ईंट चूर-चूर हो गई। इस पर उन्होंने कहा कि नहर पक्कीकरण में एकदम खराब गुणवत्ता की ईंट का प्रयोग हो रहा है, जिससे निर्माण कार्य एक साल भी चल पाना मुश्किल है।
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38 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है, जिसे मौके पर आकर किसान खुद देखें और विभागीय अधिकारी भी काम का मुआयना कर उसे सुधारने का काम करेंगे, अन्यथा स्थानीय किसानों के गुस्से का सामना करने को तैयार रहें। आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। निर्माण परियोजनाओं में ठेकेदार से भारी कमीशन लेकर काम दिया जा रहा है, जिससे जमीन पर काम की गुणवत्ता बेहद खराब देखने को मिल रही है। कमीशन के खेल में भाजपा के नेता व जनप्रतिनिधियों के साथ ही अधिकारियों की बराबर की भागीदारी है। यही वजह है कि मानक को ताक पर रखकर खुलेआम दोयम दर्जे का काम कराया जा रहा है और विरोध करने वाले किसानों को भी डराया जा रहा है, ताकि कोई इसकी खिलाफत न कर सके। अंत में उन्होंने क्षेत्रीय किसानों से आह्वान किया कि नहर के पक्कीकरण काम को अपनी निगरानी में कराएं और गुणवत्ता में सुधार के लिए विभाग, जनप्रतिनिधि व ठेकेदार पर दबाव बनाए रखें। यदि जरूरत पड़ी तो किसानों के साथ खड़ा होने और संघर्ष करने का काम किया जाएगा।



