Chandauli News: कभी अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमके शिवपाल सिंह, अब मारपीट व लूट के मामले में गिरफ्तारी से सुर्खियों में.
"बलुआ पुलिस के अनुसार, 21 जून 2026 को चहनियां स्थित एक विवाह समारोह के दौरान रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद में राहुल कुमार सोनी के साथ मारपीट करने और उनके गले से सोने की चेन छीनने का आरोप है।"
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10:43 PM, Jul 12, 2026
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चेहरे पर मास्क लगाए पुलिस की गिरफ्त में शिवपाल सिंह
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Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। धानापुर ब्लॉक के हिंगुत्तरगढ़ गांव से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले जैवलिन थ्रो खिलाड़ी शिवपाल सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी खेल उपलब्धियां नहीं, बल्कि चहनियां में दर्ज मारपीट और लूट के मामले में हुई गिरफ्तारी है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद खेल जगत और जिले में इस मामले को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
शिवपाल सिंह ने अपने खेल जीवन में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2019 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर उन्होंने देश का नाम रोशन किया। उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 86.23 मीटर रहा, जो भारतीय जैवलिन थ्रो के प्रमुख प्रदर्शनों में शामिल है। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई किया था और भारतीय वायु सेना से भी जुड़े रहे। उनकी सफलता को लंबे समय तक जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जाता रहा।
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हालांकि, बाद के वर्षों में उनका करियर विवादों में घिर गया। डोपिंग मामले के बाद उनके खेल जीवन को बड़ा झटका लगा और अब उनका नाम एक आपराधिक प्रकरण में सामने आया है। बलुआ थाना पुलिस के अनुसार, चहनियां क्षेत्र में दर्ज मारपीट और लूट के मामले में शिवपाल सिंह, उनके भाई नंदकिशोर सिंह तथा सुधांशु सिंह उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के कब्जे और निशानदेही से एक अवैध .32 बोर पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, लगभग 13.945 ग्राम वजनी सोने की चेन, तीन स्मार्टफोन, एक कीपैड मोबाइल तथा 7,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर झाड़ियों से अवैध पिस्टल और कथित रूप से लूटी गई चेन भी बरामद की गई।फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। यह उल्लेखनीय है कि किसी भी अभियुक्त के विरुद्ध दर्ज आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों के परीक्षण और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। ऐसे में इस मामले में न्यायालय का अंतिम निर्णय आना अभी बाकी है।
