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मुख्य खबरें/न्यूज़/chandauli news siphon is broken and irrigated will be affected traffic also stalled completely

Chandauli News: साइफन टूट कर बहा, सिंचाई होगी प्रभावित, आवागमन भी पूरी तरह ठप्प.

"ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सायफन की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो न सिर्फ किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा, बल्कि ग्रामीणों की जान को भी खतरा बना रहेगा"

chandauli

10:56 PM, Oct 6, 2025

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Chandauli News: साइफन टूट कर बहा, सिंचाई होगी प्रभावित, आवागमन भी पूरी तरह ठप्प.
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Story By: रतीश कुमार, शहाबगंज.

चंदौली। शहाबगंज विकास खंड कार्यालय के समीप अतायस्तगंज गांव स्थित नाले पर बना सायफन हाल ही में हुई भारी बारिश से टूटकर बह गया, जिससे किसान अपने खेत की सिंचाई को लेकर चिंतित हो गए हैं। उक्त सायफन से लोगों का आना‑जाना भी था, जो अब पूरी तरह से बंद हो गया है। किसान सायफन के टूटने के लिए बंधी डिविजन के अधिकारियों को पूरी तरह से जिम्मेदार मान रहे हैं। किसानों का कहना है कि उक्त सायफन लगभग दो‑तीन हफ्ते पहले थोड़ा सा धंस गया था, जिसकी सूचना विभाग के जेई को दी गई थी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया। यदि उसी समय मिट्टी डाल दी गई होती, तो सायफन टूटता नहीं। यह सायफन वर्षों से ग्रामीणों के लिए एकमात्र संपर्क मार्ग का काम कर रहा था, साथ ही नाले के आर-पार खेतों में पानी पहुँचाने का एकमात्र साधन भी था। अब इसके टूटने से जहां आमजन की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है, वहीं सैकड़ों बीघा फसल की सिंचाई प्रभावित होना तय है.

ग्रामीणों के अनुसार, इस सायफन की स्थिति पिछले कुछ वर्षों से जर्जर हो रही थी, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा इसे नजरअंदाज किया गया। नाले के दोनों ओर की जमीन पर धान के अलावा सरसों और सब्जियों की खेती होती है, जिन्हें नियमित पानी की आवश्यकता होती है। लेकिन सायफन के टूटकर बह जाने के कारण अब खेतों तक पानी पहुँचाना किसानों के लिए मुश्किल होगा। पूर्व ग्राम प्रधान अरविंद मिश्रा, उपेंद्र मिश्रा और गुंजन मौर्या ने संयुक्त रूप से जिलाधिकारी से मांग की है कि सायफन की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो न सिर्फ किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा, बल्कि ग्रामीणों की जान को भी खतरा बना रहेगा। उन्होंने प्रशासन से स्थलीय निरीक्षण कर त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है। इस सायफन के रास्ते बच्चे स्कूल जाते थे, महिलाएँ बाजार और खेतों तक पहुँचती थीं, तथा आपात स्थिति में मरीजों को इसी रास्ते से अस्पताल ले जाया जाता था। रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। कुछ लोग जान जोखिम में डालकर नाले को पार कर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।


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