Chandauli News: सपा की अंदरूनी कलह फिर आई सड़क पर, महिला जिलाध्यक्ष और पूर्व प्रधान ने एक-दूसरे पर लगाए गंभीर आरोप, दोनों पर मुकदमा दर्ज.
"समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल और पूर्व प्रधान वीरेंद्र यादव के बीच विवाद अब पुलिस केस में बदल गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है, जिससे चंदौली में सपा की अंदरूनी गुटबाजी फिर चर्चा में आ गई।"
chandauli
11:14 AM, Jul 30, 2026
Share:


सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के साथ वीरेंद्र यादव और गार्गी सिंह पटेल
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By : सौरभ कुमार,पड़ाव, चंदौली.
चंदौली। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में समाजवादी पार्टी की अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी की महिला सभा की जिलाध्यक्ष गार्गी सिंह पटेल और बहादुरपुर के पूर्व प्रधान एवं सपा कार्यकर्ता वीरेंद्र यादव के बीच हुआ विवाद अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से निकलकर पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दी है, जिसके आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पूरे घटनाक्रम ने जिले में सपा की गुटबाजी को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।
गार्गी सिंह पटेल का आरोप है कि मंगलवार शाम करीब साढ़े छह से सात बजे के बीच वीरेंद्र यादव उनके घर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पहले गेट खुलवाया और फिर बातचीत के दौरान अचानक अभद्र व्यवहार करते हुए उनका गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। उनका कहना है कि घटना के समय उनके बच्चे भी घर में मौजूद थे और बीच-बचाव के दौरान अफरा-तफरी मच गई। गार्गी का आरोप है कि घटना के बाद उन्होंने तत्काल डायल-112 और स्थानीय पुलिस को सूचना दी, लेकिन समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि पिछले दो महीनों के भीतर यह दूसरी गंभीर घटना है और उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं, पूर्व प्रधान वीरेंद्र यादव ने सभी आरोपों को पूरी तरह सिरे से खारिज करते हुए खुद को राजनीतिक साजिश का शिकार बताया है। उनका कहना है कि कुछ लोगों द्वारा यह प्रचार किया जा रहा था कि वह गार्गी सिंह पटेल पर हुए पुराने हमले के आरोपियों से जेल में मिलने गए थे। इसी बात की सच्चाई जानने के लिए उन्होंने स्वयं फोन कर मिलने का समय लिया और उनके घर पहुंचे। वहां बातचीत के दौरान जब यह स्पष्ट हो गया कि आरोप गलत व्यक्ति पर लगाया गया था, तब वह वापस लौटने लगे। इसी दौरान पीछे से उन पर हमला कर दिया गया और लाठी-डंडों से मारपीट की गई। वीरेंद्र यादव का कहना है कि उन्हें झूठे छेड़खानी के मुकदमे में फंसाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अपनी ओर से भी थाना मुगलसराय में प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की ओर से प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है। पीडीडीयू नगर क्षेत्राधिकारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वीरेंद्र यादव और गार्गी सिंह दोनों की शिकायतों के आधार पर थाना मुगलसराय में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह ने बताया कि सभी तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि 28 मई 2026 को भी गार्गी सिंह पटेल के घर में घुसकर मारपीट का मामला सामने आया था। उस घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें कुछ लोग उनके साथ हाथापाई करते दिखाई दिए थे। उस प्रकरण में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई थी। अब एक बार फिर उसी महिला नेता के घर पर हुए नए विवाद और पार्टी के ही एक पूर्व प्रधान के साथ आमने-सामने की स्थिति ने समाजवादी पार्टी की जिला इकाई में चल रही गुटबाजी को उजागर कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संगठन के भीतर लंबे समय से चली आ रही खींचतान अब सार्वजनिक रूप से सामने आने लगी है, जिससे पार्टी की आंतरिक एकजुटता पर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पूरे मामले में पुलिस जांच जारी है और सभी की निगाहें जांच के निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।
