ब्रेकिंग न्यूज़
sliderimg
sliderimg
sliderimg
मुख्य खबरें/न्यूज़/chandauli news the atmosphere of panic among the villagers of the coastal villages once again in the rage

Chandauli News: उफनती गंगा के रौद्र रूप से एक बार फिर तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल.

"पिछले बहत्तर घंटे में गंगा का जलस्तर 15 फीट बढ़ा है। महिला चेंजिंग रूम में डूबते हुए शवदाह गृह में गंगा नदी का पानी पहुंच गया। गंगा में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका एक बार फिर बढ़ गई है। बढ़ते जलस्तर के कारण खेतों में लगी फसलें पानी में बर्बाद हो जाने से किसानों की रोजी-रोटी पर संकट मंडराने लगा है"

chandauli

10:42 PM, Aug 27, 2025

Share:

Chandauli News: उफनती गंगा के रौद्र रूप से एक बार फिर तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल.
logo

बलुआ घाट के चारों ओर लगा पानी

Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें

Story By: पूर्वांचल भास्कर डेस्क.

चंदौली। बलुआ स्थित गंगा के जलस्तर में विगत तीन दिनों से लगातार पानी बढ़ने के कारण गंगा नदी के तटवर्ती गांवों के लोगों में एक बार फिर खौफ के साये मंडराने लगे हैं। यदि इसी तरह गंगा का पानी बढ़ता रहा, तो दो-चार दिनों में यह गंगा नदी के किनारे और तटवर्ती गांवों में प्रवेश करने लगेगा। पिछले बहत्तर घंटे में गंगा का जलस्तर 15 फीट बढ़ा है। महिला चेंजिंग रूम डूबते हुए शवदाह गृह में गंगा नदी का पानी पहुंच गया। गंगा में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका एक बार फिर बढ़ गई है। गंगा नदी के तटवर्ती गांवों के किसानों और ग्रामीणों में खौफ दिखने लगा है। अचानक गंगा नदी में जलस्तर में बढ़ोतरी होने से तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत के साथ ही खौफ भी बढ़ गया है। गंगा तटवर्ती गांव भुपौली, डेरवा, महड़ौरा, कांवर, पकड़ी, महुअरिया, विशुपुर, महुआरी खास, सराय, बलुआ, डेरवाकला, महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, पुराबिजयी, पुरागणेन, चकरा, हरधनजुड़ा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर, सरौली, तीरगावा, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर आदि

गांवों के किनारे और तटवर्ती गांवों के खेतों में पूर्व में बाढ़ आने के दौरान किसानों द्वारा बोई गई हजारों एकड़ फसलें, सब्जियां, परवल, मिर्च, लौकी, नेनुआ, वैगन, ज्वार, बाजरा, अरहर एवं धान की रोपी गई फसलें और पशुओं का हरा चारा पानी में डूबकर बर्बाद हो गया था। साथ ही पशुओं के चारे की विकट समस्या उत्पन्न हो गई थी। घाट के किनारे झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को विषैला जानवरों का खतरा बना हुआ है। एक बार फिर बढ़ते जलस्तर के कारण खेतों में लगी फसलें पानी में बर्बाद हो जाने से किसानों की रोजी-रोटी पर संकट मंडराने लगा है। बाढ़ से घिरे गांव के लोग रात भर जागकर गुजर-बसर करने को विवश हो जाते हैं, जिसके चलते लोगों में हाय तौबा मची रहती है। लगभग दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का चौतरफा पानी लग जाने से ग्रामीण, बच्चे और महिलाएं पानी से होकर या नाव का सहारा लेकर आवागमन करने को मजबूर हैं।


headingicon

सम्बंधित खबर


headingicon

विज्ञापन


headingicon

लोकल न्यूज़

और देखे
headingicon

विज्ञापन

headingicon

विज्ञापन

Design and Developed by SpriteEra IT Solutions Pvt. Ltd.
© Copyright Purvanchal Bhaskar 2025. All rights reserved.