ब्रेकिंग न्यूज़
sliderimg
sliderimg
sliderimg
मुख्य खबरें/न्यूज़/chandauli news the hill echoed with the slogans of buddhist festival buddham sharanam gachchami development will happen only by following the path of buddhism

Chandauli News: बौद्ध महोत्सव,बुद्धम शरणम् गच्छामि के नारों से गूंजा पहाड़ी, बुद्ध धर्म के रास्ते पर चलकर ही होगा विकास.

" भंते चक्रधारी ने कहा कि भगवान बुद्ध ने लगभग ढाई हजार वर्ष पहले ही मानवता के समक्ष वह मार्ग प्रस्तुत किया था जो आज भी प्रासंगिक है। आज जब समाज हिंसा, भेदभाव और लालच की दिशा में बढ़ रहा है, तब बुद्ध के शांति, मैत्री और करुणा के उपदेश ही हमें संतुलित जीवन की राह दिखा सकते हैं"

chandauli

10:38 AM, Oct 26, 2025

Share:

Chandauli News: बौद्ध महोत्सव,बुद्धम शरणम् गच्छामि के नारों से गूंजा पहाड़ी, बुद्ध धर्म के रास्ते पर चलकर ही होगा विकास.
logo

Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें

Story By: रतीश कुमार, शहाबगंज.

चंदौली। विकास तभी संभव है जब समाज करुणा, शांति और समानता के मार्ग पर चले। उक्त बातें शनिवार को बौद्ध धर्म संस्थान घुरहूपुर के तत्वाधान में बुद्ध की पहाड़ी पर आयोजित बौद्ध महोत्सव को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कही। इस मौके पर हजारों की संख्या में लोगों ने सहभागिता की और भगवान बुद्ध के उपदेशों से प्रेरणा लेने का संकल्प दोहराया। शनिवार सुबह से ही घुरहूपुर पहाड़ी पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। बौद्ध ध्वजों से सजी पहाड़ी परिसर में चारों ओर "जय भीम" और "बुद्धं शरणं गच्छामि" के स्वर गूंज रहे थे।

Img

महोत्सव को भंते चक्रधारी ने पंचशील का पाठ कर शुभारंभ किया। इसके बाद भगवान बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्ज्वलन किया गया। इस दौरान भंते चक्रधारी ने कहा कि भगवान बुद्ध ने लगभग ढाई हजार वर्ष पहले ही मानवता के समक्ष वह मार्ग प्रस्तुत किया था जो आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि आज जब समाज हिंसा, भेदभाव और लालच की दिशा में बढ़ रहा है, तब बुद्ध के शांति, मैत्री और करुणा के उपदेश ही हमें संतुलित जीवन की राह दिखा सकते हैं। उन्होंने उपस्थित जनों से आग्रह किया कि केवल पूजा या परंपरा तक बौद्ध धर्म को सीमित न रखें, बल्कि इसके नैतिक मूल्यों को अपने जीवन में उतारें।

Img

जिला सहकारी बैंक के निदेशक व पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि सुधाकर कुशवाहा ने कहा कि समाज में वास्तविक विकास केवल आर्थिक या भौतिक प्रगति से नहीं बल्कि मानवीय मूल्यों की स्थापना से होगा। उन्होंने कहा कि बौद्ध धर्म हमें सिखाता है कि हर व्यक्ति समान है चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग का हो। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि बुद्ध का मध्यम मार्ग आज के युग में भी अत्यंत आवश्यक है। पर्यावरणविद् परशुराम सिंह ने कहा कि भगवान बुद्ध का दर्शन केवल मनुष्य के कल्याण तक सीमित नहीं था,

विज्ञापन

Img

बल्कि उन्होंने जीव-जगत और प्रकृति के प्रति करुणा का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज जलवायु संकट, प्रदूषण और पेड़ों की कटाई से धरती कराह रही है। यदि हम बुद्ध के मार्ग पर चलें तो प्रकृति के साथ हमारा संतुलन बना रहेगा। महोत्सव में बुद्ध वंदना के साथ-साथ स्वच्छता और साक्षरता पर गीत प्रस्तुत किए गए। महोत्सव के दौरान "करुणा ही धर्म है", "सबका साथ, सबका विकास", "बुद्ध के मार्ग से" आदि नारे गूंजते रहे। कार्यक्रम में शामिल 16 भंते को बसाढ़ी की सुजाता ने चीवर दान किया।

Img

इस दौरान मुख्य रूप से रामनिवास राजभर,दया राजभर,भंते चंदन,लालबिहारी,श्रीकांत मौर्या,उमाशंकर मौर्या,रमेश यादव,रामसनेही राजभर,विमलेश यादव, घुरफेकन,सीरी राजभर,अक्षय,मनई,रामा,मुन्नू,विजई,मोती,मुराहू राजभर,भंते महेंद्र शाक्य, भंते नागसेन,भंते शिलरतन,प्रकाश रतन,धम्म प्रकाश,दीपक आदि उपस्थित थे।अतिथियों का स्वागत घुरहुपुर बौद्ध धर्म संस्थान के अध्यक्ष झारखंडेय राजभर तथा संचालन सुधाकर कुशवाहा ने किया।


headingicon

सम्बंधित खबर


headingicon

विज्ञापन


headingicon

लोकल न्यूज़

और देखे
headingicon

विज्ञापन

headingicon

विज्ञापन

Design and Developed by SpriteEra IT Solutions Pvt. Ltd.
© Copyright Purvanchal Bhaskar 2025. All rights reserved.