Chandauli News: राशन कार्ड में जिंदा व्यक्ति को बताया मृत, जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने उठाए सवाल.
“चंदौली में राशन कार्ड से जुड़ी शिकायत को लेकर धानापुर के जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने सरकारी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि खड़ान निवासी रविशंकर विश्वकर्मा को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाया जा रहा है, जिसके कारण उनका नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ पा रहा है।”
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7:37 PM, Sep 3, 2026
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जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह के साथ जिन्दा युवक
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Story By : पूर्वांचल भास्कर डेस्क.
चंदौली। धानापुर के जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने एक बार फिर सरकारी अभिलेखों में जीवित व्यक्ति को मृत दिखाए जाने का मामला उठाया है। उन्होंने खड़ान निवासी रविशंकर विश्वकर्मा के मामले को सामने रखते हुए जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार का ध्यान इस समस्या की ओर आकृष्ट कराया है। अंजनी सिंह का आरोप है कि सरकारी रिकॉर्ड में रविशंकर विश्वकर्मा को मृत दिखाए जाने के कारण उनका नाम राशन कार्ड में नहीं जुड़ पा रहा है और परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अंजनी सिंह के अनुसार, रविशंकर विश्वकर्मा के परिवार को पहले राशन मिलता था। उस समय उनकी बहन राशन कार्ड की मुखिया थीं। बहन की शादी होने के बाद परिजनों ने उनका नाम राशन कार्ड से हटवाकर रविशंकर विश्वकर्मा की पत्नी का नाम जोड़ दिया और नया राशन कार्ड जारी हुआ। बाद में रविशंकर की पत्नी का नाम मायके में भी दर्ज होने की वजह से वह राशन कार्ड भी विभाग की ओर से डिलीट कर दिया गया। बताया गया कि करीब पांच साल बाद परिवार के लिए दोबारा राशन कार्ड जारी किया गया, लेकिन उसमें रविशंकर विश्वकर्मा का नाम नहीं जुड़ सका। अंजनी सिंह का कहना है कि रविशंकर के नाम से राशन कार्ड में नाम जोड़ने के लिए आवेदन करने पर सरकारी रिकॉर्ड में उन्हें मृत बताया जा रहा है। इसके चलते जीवित होने के बावजूद वह अपने परिवार के राशन कार्ड में अपना नाम नहीं जुड़वा पा रहे हैं।
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अंजनी सिंह ने इस मामले को लेकर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी जीवित व्यक्ति को सरकारी अभिलेख में मृत घोषित कर देना गंभीर मामला है। उन्होंने मांग की कि रविशंकर विश्वकर्मा के मामले की तत्काल जांच कराई जाए और रिकॉर्ड में आवश्यक सुधार करते हुए उनका नाम राशन कार्ड में जोड़ा जाए, ताकि परिवार को सरकारी राशन का लाभ मिल सके। जिला पंचायत सदस्य ने आरोप लगाया कि जिले में इस तरह के कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां आम लोगों को सरकारी अभिलेखों में हुई गलतियों को ठीक कराने के लिए विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि अन्य विभागों के रिकॉर्ड में भी जीवित लोगों को मृत दिखाया गया है तो ऐसे मामलों की पहचान कर संबंधित अभिलेखों में तत्काल सुधार कराया जाना चाहिए।
अंजनी सिंह ने जिला प्रशासन से इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से लोग इसी तरह की शिकायत लेकर उनके पास पहुंचते रहे, तो वह संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उच्चाधिकारियों और सरकार से शिकायत करेंगे। उन्होंने जरूरत पड़ने पर न्यायालय में मामला उठाने की भी बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी और कथित भ्रष्टाचार के कारण आम जनता परेशान है। अंजनी सिंह ने कहा कि गरीब, कमजोर और जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और प्रभावित लोगों की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान कराने की मांग की है।



