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purvanchal/न्यूज़/chandauli news the lock remains on the veterinary hospital prepared in 67 lakhs the appointment of a doctor has not been done yet 04082025 axx iP

Chandauli News: 67 लाख में बनकर तैयार पशु चिकित्सालय पर लटका रहता है ताला, अब तक नहीं हुई चिकित्सक की नियुक्ति.

Chandauli News: 67 लाख में बनकर तैयार पशु चिकित्सालय पर लटका रहता है ताला, अब तक नहीं हुई चिकित्सक की नियुक्ति.

12:00 AM, Jul 11, 2025

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Chandauli News: 67 लाख में बनकर तैयार पशु चिकित्सालय पर लटका रहता है ताला, अब तक नहीं हुई चिकित्सक की नियुक्ति.
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Story By: फरीद अहमद, कमालपुर.

चंदौली। सकलडीहा तहसील के माधोपुर में ढाई वर्ष पूर्व बनकर तैयार पशु चिकित्सालय आज भी चिकित्सक विहीन है। ग्रामीणों की मांग पर 67 लाख की लागत से बने चिकित्सालय में चिकित्सकों की स्थायी नियुक्ति न होने से चिकित्सालय पर ताला लगा रहता है। पशुपालक अपने पशुओं के इलाज के लिए परेशान रहते हैं। गौरतलब हो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री महेन्द्रनाथ पाण्डेय ने चिकित्सा भवन का ढाई वर्ष पहले उद्घाटन किया था। कुछ दिनों तक डॉक्टर सप्ताह में दो दिन बैठते रहे। आलम यह है कि किसानों को फोन से धानापुर के डॉक्टर को जानकारी देना पड़ता है कि हमारे पशु बीमार हैं। इस पर फोन पर ही डॉक्टर दवा लेने की सलाह बता देते हैं। लेकिन आना मुनासिब नहीं समझते। पशु चिकित्सालय का निर्माण कार्य दायी संस्था फैक्स फेड ने कराया था और 2023 में चिकित्सा विभाग को सौंप दिया था।

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शुरुआती दौर में उद्घाटन के कुछ दिन बाद तक डॉक्टर और स्टाफ आए। लेकिन इसके बाद वहां अब ताला ही लटका रहता है। सप्ताह में एक दिन धानापुर से डॉक्टर आते हैं लेकिन जब पशु बीमार होते हैं तो पशुओं का इलाज सही समय पर नहीं हो पाता जिससे पशुओं की बीमारी के इलाज के अभाव में दम तोड़ देते हैं। यहीं नहीं बल्कि पशुपालकों को निजी डॉक्टर के सहारे होने से आर्थिक और शारीरिक मानसिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। पशुपालक गुड्डु गुप्ता ने कहा कि सरकार द्वारा लाखों रुपये की लागत से बनाई गई चिकित्सा भवन चिकित्सक की नियुक्ति न होने से चिकित्सा का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है। मुख्य पशु जिला चिकित्सा अधिकारी चंदौली डा. योगेश कुमार मौर्य ने कहा कि अभी वहां पद स्वीकृत नहीं हुआ है, जिसकी वजह से स्थायी नियुक्ति नहीं हो पाई है। लेकिन कोशिश है कि वहां स्थायी चिकित्सक की नियुक्ति कर सेंटर चलाया जाए, जिससे पशुपालकों को समय पर पशुओं का इलाज हो सके।


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