Chandauli News: 36 सालों से चली आ रही रावण दहन की परंपरा टूटी.
"बीते दिनों एक संत की प्रतिमा स्थापना को लेकर हुई विवाद में पुलिस और तहसील प्रशासन के मौन साध लेने के कारण रामलीला के साथ दशहरा पर होने वाली दशानंद की प्रतिकात्मक पूतला दहन का कार्यक्रम स्थगित हो गया। पहली बार टूटी परंपरा से कस्बावासियों में मायूसी है। वहीं कस्बा के कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि समिति के पदाधिकारियों की मनमानी के कारण विवाद हुआ"
chandauli
9:34 PM, Oct 1, 2025
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Story By: पुनवासी यादव, सकलडीहा.
चंदौली। सकलडीहा कस्बा में 36 सालों से नवदिवसीय दुर्गा पूजा के साथ रावण दहन और रामलीला का आयोजन होता चला आ रहा था। पूर्व में समिति के पदाधिकारियों के साथ हुई विवाद के कारण इस साल रामलीला और रावण दहन कार्यक्रम स्थगित हो गया है, जिससे कस्बावासियों में काफी मायूसी है। वहीं ताजपुर की एक निजी स्कूल के छात्रों ने कागज का रावण बनाकर तैयार किया है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।
सकलडीहा कस्बा के प्राचीन शिव सरोवर के समीप बीते 36 सालों से रजिस्टर्ड दुर्गा पूजा सेवा समिति की ओर से नवदिवसीय दुर्गा माता के विभिन्न रूपों की झांकी और रामलीला के साथ दशहरा पर रावण दहन किया जाता था। जिसके लिए समिति के पदाधिकारी दिन-रात जुटकर रावण का 60 फुट का प्रतिकात्मक पूतला दहन करते थे। लेकिन बीते दिनों एक संत की प्रतिमा स्थापना को लेकर हुई विवाद में पुलिस और तहसील प्रशासन के मौन साध लेने के कारण रामलीला के साथ दशहरा पर होने वाली दशानंद की प्रतिकात्मक पूतला दहन का कार्यक्रम स्थगित हो गया।
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पहली बार टूटी परंपरा से कस्बावासियों में मायूसी है। दशहरा पर कस्बा के छोटे-बड़े सैकड़ों दुकानदारों के साथ आस्थावानों की भीड़ उमड़ती थी। विवाद के कारण हवन कुंड भी मंदिर मार्ग पर हवन पूजन किया गया, जिससे मंदिर मार्ग पूरे दिन अवरुद्ध रहा। वहीं कस्बा के कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि समिति के पदाधिकारियों की मनमानी के कारण विवाद हुआ। हालाँकि ताजपुर के एक निजी स्कूल की छात्राओं ने तीस फुट का कागज का रावण बनाया है, जो दशहरा के दिन रावण का प्रतीकात्मक पूतला स्कूल में ही दहन किया जाएगा।
