Chandauli News: रॉयल ताल की जमीन पर अवैध खनन का ग्रामीणों ने किया विरोध, कार्रवाई की मांग.
"खनन अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि एडीएम के निर्देश पर टीम गठित कर जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसानों की जमीन पर अवैध खनन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
chandauli
9:05 AM, Mar 14, 2026
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प्रदर्शन करते ग्रामीण
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Story By: पुनवासी यादव, सकलडीहा, (चंदौली).
चंदौली। सकलडीहा तहसील क्षेत्र के वरंगा गांव स्थित रॉयल ताल की जमीन पर कथित अवैध खनन को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों और किसानों में आक्रोश दिखा। बड़ी संख्या में ग्रामीण खनन स्थल पर पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। लोगों ने प्रशासन से तत्काल अवैध खनन पर रोक लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि रॉयल ताल की जमीन से पिछले कई महीनों से लगातार मिट्टी का खनन किया जा रहा है। इसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे क्षेत्र के किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
बताया जाता है कि वरंगा गांव की इस जमीन को पहले जेल निर्माण के लिए सरकार ने किसानों से खरीदा था। बाद में अभिलेखों की जांच में यह जमीन तालाब के रूप में दर्ज होने की बात सामने आई। इसके बाद किसानों को दिए गए मुआवजे को वापस करने का नोटिस जारी किया गया, जिसके खिलाफ किसानों ने वाराणसी स्थित अपर आयुक्त प्रशासन की अदालत में वाद दायर किया है। यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। ग्रामीणों का कहना है कि इसके बावजूद बीते करीब तीन महीनों से रात के समय जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर लगाकर ताल की जमीन से मिट्टी निकाली जा रही है और उसे ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। ग्राम प्रधान कन्हैया राम के अनुसार बेतरतीब तरीके से 8 से 10 फीट तक खुदाई कर दी गई है, जिससे पर्यावरण और राजस्व दोनों को नुकसान हो रहा है।
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प्रधान ने बताया कि शिकायत के बाद एक बार खनन विभाग के अधिकारी मौके पर जांच के लिए पहुंचे थे और खनन होने की पुष्टि भी हुई थी, लेकिन उसके बाद भी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे रात में खनन रोकने जाते हैं तो खनन से जुड़े लोग उन्हें धमकाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर अवैध खनन बंद कराने की मांग की है। इस मामले में खनन अधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि एडीएम के निर्देश पर टीम गठित कर जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसानों की जमीन पर अवैध खनन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।विरोध प्रदर्शन में ग्राम प्रधान कन्हैया राम, पूर्व प्रधान राजकपूर पासवान, डॉ. रिंकू, छोटू राम, घनश्याम पासवान, डॉ. सुनील शर्मा, रविशंकर, घुरा, मनोज, बब्बन, राबिंस, मुन्ना, नगीना समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौजूद रहे।
