Chandauli News: संसद में गूंजी ‘प्रोजेक्ट चीता’ की आवाज, यूपी में संरक्षण की उठी मांग.
" राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने सुझाव दिया कि उत्तर प्रदेश जैसे जैव-विविधता से समृद्ध राज्य में चीता संरक्षण केंद्र या अभयारण्य स्थापित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने वन एवं पर्यावरण मंत्री से इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। संसद में उठाए गए इस मुद्दे को पर्यावरण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।"
chandauli
8:32 PM, Feb 12, 2026
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Story By: विवेकानंद केसरी.
चंदौली। संसद के शून्यकाल के दौरान चंदौली से राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने उत्तर प्रदेश में चीतों के संरक्षण की संभावनाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि देश ने हाल के वर्षों में वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें “प्रोजेक्ट चीता” विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
सांसद ने बताया कि वर्ष 2022 में शुरू हुए इस अभियान के तहत लगभग सात दशकों बाद भारत में चीतों की वापसी संभव हो सकी। 17 सितंबर 2022 को कूनो राष्ट्रीय उद्यान से प्रारंभ हुई यह पहल आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना प्राप्त कर रही है। उन्होंने कहा कि 1952 में भारत में चीते को विलुप्त घोषित कर दिया गया था, ऐसे में उनकी पुनर्वापसी देश की वैज्ञानिक क्षमता, सुव्यवस्थित योजना और सतत निगरानी का परिणाम है। वर्तमान में चीतों की सुरक्षा और सफल प्रजनन इस परियोजना की सफलता को दर्शाता है।
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दर्शना सिंह ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं और “प्रोजेक्ट चीता” इसका उदाहरण है। इससे पर्यटन, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि उत्तर प्रदेश जैसे जैव-विविधता से समृद्ध राज्य में चीता संरक्षण केंद्र या अभयारण्य स्थापित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने वन एवं पर्यावरण मंत्री से इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया। संसद में उठाए गए इस मुद्दे को पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
