ब्रेकिंग न्यूज़
sliderimg
sliderimg
sliderimg
मुख्य खबरें/न्यूज़/chandauli news wishes are fulfilled by darshan of jameshwar mahadev s joda shivling

Chandauli News: जामेश्वर महादेव के जोड़ा शिवलिंग के दर्शन से पूरी होती हैं मुरादें.

"मान्यता है कि काशी विश्वनाथ, मारकंडेय महादेव, और कॉलेश्वर महादेव के दर्शन के बाद लोग जामडीह में जोड़ा शिव लिंग जामेश्वर महादेव का दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। यहां पर खोदाई के दौरान एक साथ अवतरित डबल शिवलिंग और गौतम बुद्ध से जुड़ी प्रतिमा भी मिली थी"

chandauli

12:53 PM, Oct 21, 2025

Share:

Chandauli News: जामेश्वर महादेव के जोड़ा शिवलिंग के दर्शन से पूरी होती हैं मुरादें.
logo

जामडीह गांव में स्वयं अवतरित भगवान भोलेनाथ का डबल शिवलिंग

Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें

Story By: पुनवासी यादव, सकलडीहा.

चंदौली। सकलडीहा तहसील क्षेत्र के जामडीह गांव में पौने दो सौ वर्ष से अधिक प्राचीन डबल शिवलिंग का जामेश्वर महादेव का मंदिर है। मान्यता है कि यहां पर मंगल कामना और मन्नत लेकर आने वाली हर माताओं की मुरादें पूरी होती हैं। महाशिवरात्रि और दीपावली के दूसरे दिन महिलाओं की काफी भीड़ जुटती है। मेला को लेकर ग्राम प्रधान बिहारी यादव पुलिस फोर्स के साथ तैयारी में जुटे रहे।

Img

बता दें पौने दो सौ वर्ष गाजीपुर जनपद के सराय पोस्ता स्टीमर घाट निवासी सुखलाल अग्रहरी चंदौली अपने रिश्तेदार के घर से लौट रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार जामडीह गांव में पीपल के पेड़ के नीचे एक स्वप्न में भगवान शिव का सुखलाल अग्रहरी को दर्शन प्राप्त हुआ था। सुखलाल अग्रहरी ने उसी पीपल के नीचे मंदिर स्थापना के लिए खोदाई शुरू कराई। जहां जोड़ा शिवलिंग दिखाई दिया। सुखलाल अग्रहरी ने भगवान भोलेनाथ पर आस्था रखते हुए मंदिर की स्थापना की। मंदिर स्थापना के बाद उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई। उनका पुत्र शिव प्रसाद अग्रहरी, भोला अग्रहरी, काशी प्रसाद अग्रहरी और लच्छु अग्रहरी परिजनों के साथ आज भी दर्शन पूजन के लिए आते हैं। ग्राम प्रधान बिहारी यादव ने बताया कि यहां पर दूर-दराज और कई जिलों की महिलाएं दर्शन पूजन के लिए आती हैं। आस्था के साथ पूजा करने वाले कभी निराश नहीं होते हैं।

विज्ञापन

Img

मान्यता है कि काशी विश्वनाथ, मारकंडेय महादेव, और कॉलेश्वर महादेव के दर्शन के बाद लोग जामडीह में जोड़ा शिव लिंग जामेश्वर महादेव का दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। यहां पर खोदाई के दौरान एक साथ अवतरित डबल शिवलिंग और गौतम बुद्ध से जुड़ी प्रतिमा भी मिली थी। मान्यता है कि वर्षों बाद सुखलाल अग्रहरी को संताना प्राप्त होने के बाद से प्रदेश के कोने-कोने से यहां आने वाली महिलाएं पुत्र रत्न की प्राप्ति के लिए दर्शन पूजन के लिए आती हैं। यहां पर आने वाली माताओं की मुरादें पूरी होती हैं। दीपावली के सुबह भैया दूज के अवसर पर महिलाएं जामेश्वर सरोवर में स्नान ध्यान कर नए वस्त्र धारण कर जामेश्वर महादेव का जलाभिषेक करती हैं।


headingicon

सम्बंधित खबर


headingicon

विज्ञापन


headingicon

लोकल न्यूज़

और देखे
headingicon

विज्ञापन

headingicon

विज्ञापन

Design and Developed by SpriteEra IT Solutions Pvt. Ltd.
© Copyright Purvanchal Bhaskar 2025. All rights reserved.