Sonbhadra News: 10 साल पुराने गैर इरादतन हत्या मामले में 9 दोषियों को 10-10 साल की सजा.
सोनभद्र की एएसजे/एफटीसी अदालत ने वर्ष 2016 के गैर इरादतन हत्या के मामले में नौ आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
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10:42 PM, Jul 10, 2026
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गैर इरादतन हत्या के मामले में दोषसिद्ध नौ अभियुक्त पुलिस अभिरक्षा में न्यायालय परिसर में।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट (एएसजे/एफटीसी) सोनभद्र की अदालत ने लगभग दस वर्ष पुराने गैर इरादतन हत्या के मामले में शुक्रवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए नौ दोषियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 6-6 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के अनुसार, रामपुर बरकोनिया थाना क्षेत्र के दरमा गांव निवासी शम्भूनाथ धांगर ने 10 अगस्त 2016 को थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि वन भूमि पर कब्जेदारी के विवाद को लेकर 9 अगस्त 2016 की रात करीब 11 बजे गांव के कुछ लोग लाठी-डंडों से लैस होकर उनके घर पहुंचे और उनके माता-पिता के साथ मारपीट की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें, गवाहों के बयान तथा उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। इसके बाद न्यायालय ने बुद्धिनारायण धांगर, रमेश धांगर, राधेश्याम धांगर, हरि प्रसाद, रघुवर धांगर, विमलेश उर्फ अनिल, जटाशंकर धांगर, अरुण धांगर और दीनानाथ धांगर को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक दोषी पर 6 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत के इस फैसले को लंबे समय से लंबित मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



