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मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news a concert of tunes and kathak on the 59th foundation day of shri achaleshwar mahadev temple

Sonbhadra News: श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर के 59वें स्थापना दिवस पर सजी सुरों और कथक की महफिल.

डाला स्थित श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर के 59वें स्थापना दिवस पर आयोजित संगीत समारोह में शास्त्रीय गायन और कथक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। संभाजीनगर की अदिति कोरटकर किंजवडेकर ने शास्त्रीय गायन और भजनों से समां बांधा, वहीं खुशी गुप्ता और पंडित जय किशन महाराज की कथक प्रस्तुतियों ने मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया। समारोह में महंत मुरली तिवारी और सदर विधायक भूपेश चौबे ने कला

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4:17 PM, Oct 20, 2026

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Sonbhadra News: श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर के 59वें स्थापना दिवस पर सजी सुरों और कथक की महफिल.
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श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर के 59वें स्थापना दिवस पर कथक नृत्यांगना ने मां दुर्गा की मनमोहक प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया।

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Story By: आर. एन. पाण्डेय, डाला।

श्री अचलेश्वर महादेव मन्दिर के 59 स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर आयोजित श्री अचलेश्वर महादेव सगीत समारोह में खयाल गायन हेतु सम्भा जी नगर से पधारी युवा कलाकार अदिती कोरटकर किंजवडेकर नें अपने गायन की सुरुवात अप्रचलित राग पूर्वा में तीन ताल के विलंबित खयाल जिसके बोल थे "अरे मन तू यू ही यू ही कर दिन बीते ''से किया यद्यपि इसे आगरा और जयपुर घरानों में गाया जाता है, लेकिन इसकी प्रस्तुति सुनने को कम मिलती है। इसके पश्चात मध्यलय तीनताल में पं. गजानन जोशी जी की रचित बंदिश “अब कैसे जाऊँ, धीट लंगर छेड़त” प्रस्तुत की गई। राग पूर्वा के बाद राग केदार प्रस्तुत किया गया। इसमें मध्यलय एकताल में पारंपरिक रचना “चतुर सुघर बैयाँ” के पश्चात पं. गजानन जोशी जी की रचित द्रुत तीनताल की बंदिश “सैंयाँ मोरा रे मतवारे” गाई गई। इसके बाद राग खमाज में दादरा प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात देवी भजन “भाग्यदा लक्ष्मी बारम्मा” (कन्नड़), “भजो रे भैया, राम गोविंद हरे” तथा कन्नड़ शिव भजन “शिव शिवा एन्डोम्मे” प्रस्तुत किया गया व अंत में राग भैरवी में मराठी अभंग “अवघा रंग एक झाला” के गायन के साथ कार्यक्रम का समापन किया। अदिति के गायन में उत्तर व दक्षिण का समन्वय ऐसा रहा की संगीत के सामने भाषा का भेद ही मिट गया। इसके पश्चात ग्वालियर से पधारी खुशी गुप्ता नें कथक के मध्यम से माँ दुर्गा की आराधना किया जिससे मन्दिर परिसर भक्तिमय हों गया ततपश्चात लखनऊ घराने के सुप्रसिद्ध कथक नर्तक पंडितजय किशन महराज द्वारा रचित ताल संगम जिसमें तीन ताल, झप ताल एवं धमार ताल ठाट, उठान, परन आमद, टुकड़ा, परमेलू, परन, तिहाई एवं लड़ी इत्यादि का समन्वय कथक में बखूबी देखने को मिला। तत्पश्चात मयुर एवं राधा कृष्ण की गत भी सम्मिलित है। कार्यक्रम में दीप प्रज्वलन श्री अचलेश्वर महादेव मन्दिर फाउंडेशनके संस्थापक अध्य्क्ष महंत मुरली तिवारी व डाला नगर पंचायत की अध्यक्ष फूलवन्ति देवी, राजेश द्विवेदी, डॉक्टर शुभा जे एन तिवारी, नीरज पाठक। वही अंत में महंत मुरली तिवारी व सदर विधायक भूपेश चौबे नें कलाकरो को पुस्तक देकर सम्मानित किया, मंच संचालन रुद्राक्षी व किरण तिवारी नें किया धन्यवाद ज्ञापन फाउंडेशन के सचिव चन्द्र प्रकाश तिवारी नें किया। कार्यक्रम में नगर के सुरेश सिंह, राजवंश चौबे, शशि चौबे, धीरेन्द्र सिंह पटेल, गिरीश तिवारी, शुभा बहन, इंदु यादव, जगदीश तिवारी, लखन राम जंगली, मनोज दीक्षित, संदीप मिश्रा मौजूद रहें।


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