Sonbhadra News: लॉलीपॉप का लालच देकर छात्राओं से अशोभनीय हरकत का आरोप, शिक्षक गिरफ्तार, POCSO में भेजा गया जेल.
कोन विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय धोबी बस्ती में दो नाबालिग छात्राओं से कथित अशोभनीय हरकत के आरोप में शिक्षक टीपू सुल्तान को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। परिजनों की तहरीर पर POCSO एक्ट की धारा 7/8 एवं BNS की धारा 75 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामले की जांच जारी है।
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11:24 AM, Jul 4, 2026
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शिक्षक की कथित करतूत से गांव में आक्रोश, POCSO एक्ट में केस दर्ज।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
जिले के कोन विकास खंड स्थित प्राथमिक विद्यालय में तैनात शिक्षक पर दो नाबालिग छात्राओं से कथित अशोभनीय व्यवहार का गंभीर आरोप सामने आया है। पुलिस ने आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं बेसिक शिक्षा विभाग ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए शिक्षक को निलंबित कर दिया है तथा पूरे मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की है। परिजनों ने कोन थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि 1 जुलाई 2026 को विद्यालय की छुट्टी के बाद प्रभारी शिक्षक टीपू सुल्तान, निवासी रामगढ़ थाना पन्नूगंज, ने कक्षा-1 और कक्षा-3 की दो छात्राओं को लॉलीपॉप का लालच देकर अपने पास बुलाया और उनके साथ अशोभनीय हरकत की। घर पहुंचने पर बच्चियों ने घटना की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद परिवार और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बताया गया कि अगले दिन आरोपी शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंचा। 3 जुलाई को जब वह स्कूल आया तो ग्रामीणों और अभिभावकों ने उससे जवाब-तलब किया।
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इस दौरान हंगामे की सूचना डायल-112 पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस आरोपी शिक्षक को हिरासत में लेकर कोन थाने ले गई। कुछ ग्रामीणों द्वारा शिक्षक के साथ मारपीट किए जाने की भी सूचना है। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध POCSO एक्ट की धारा 7 एवं 8 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75 के तहत मुकदमा दर्ज किया। कोन के प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही खंड शिक्षा अधिकारी विद्यालय पहुंचे और ग्रामीणों, अभिभावकों व अन्य विद्यार्थियों से जानकारी जुटाई। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभाग ने मामले की विस्तृत जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित की है। शिक्षा विभाग का कहना है कि विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
