Sonbhadra News: बिना एमएम-11 के गिट्टी परिवहन का आरोप, 16 चक्का ट्रक खनन विभाग ने पकड़ा.
बिल्ली-मारकुंडी खनन क्षेत्र में बिना एमएम-11 के गिट्टी परिवहन कर रहे 16 चक्का ट्रक को खनन विभाग ने पकड़ा। ट्रक संख्या यूपी 64 बी 2061 में लदी गिट्टी के संबंध में चालक ने लंगड़ा मोड़ स्थित प्लांट से खरीद की बात बताई। बिना वैध परमिट खनिज परिवहन को लेकर निगरानी व्यवस्था पर सवाल, विभागीय जांच जारी।
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6:21 PM, Oct 4, 2026
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बिना एमएम-11 गिट्टी परिवहन के आरोप में पकड़ा गया 16 चक्का ट्रक, खनन विभाग की कार्रवाई से हड़कंप।
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Story By: आर.एन. पाण्डेय, डाला।
सोनभद्र।
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बिल्ली -मारकुंडी खनन क्षेत्र से जुड़े इलाके में खनन विभाग की टीम ने बिना एमएम-11 परमिट के गिट्टी लेकर जा रहे 16 चक्का ट्रक को पकड़ा है। वाहन ओवर लोड था और पकड़े गए वाहन का नंबर यूपी 64 बी 2061 बताया गया है। कार्रवाई के बाद खनन क्षेत्र में बिना वैध प्रपत्रों के खनिज परिवहन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, खनन विभाग की टीम ने उक्त ट्रक को जांच के दौरान पकड़ा। ट्रक में गिट्टी लदी हुई थी। पूछताछ के दौरान चालक ने कथित तौर पर बताया कि उसने लंगड़ा मोड़ स्थित लक्ष्मी स्टोन प्लांट से गिट्टी खरीदी थी, लेकिन उसके पास परिवहन के लिए आवश्यक एमएम-11 परमिट नहीं था। बताया जा रहा है कि उक्त क्रेसर व्यवसाई काफी रसूक वाले और राजनीती पहुंच वाले है। बताया जा रहा है कि खनिज नियमों के तहत बिना वैध प्रपत्र के खनिज का परिवहन किए जाने पर कार्रवाई का प्रावधान है। मामले के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि आखिर बिना एमएम-11 के गिट्टी प्लांट से बाहर कैसे निकल रही है। खनन क्षेत्र से जुड़े सूत्रों का दावा है कि आसपास के कई क्रशर प्लांटों पर बिना एमएम-11 के गिट्टी उपलब्ध होने की शिकायतें हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि कभी नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बिना वैध प्रपत्र के खनिज का परिवहन होता है तो इससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो सकता है। लोगों ने खनन क्षेत्र और क्रशर प्लांटों की नियमित निगरानी के साथ औचक निरीक्षण बढ़ाने की मांग की है। लोगों का यह भी सवाल है कि जब खनिज परिवहन की ऑनलाइन निगरानी और वाहनों की ट्रैकिंग की व्यवस्था मौजूद है, इसके बावजूद बिना वैध परमिट के खनिज परिवहन की स्थिति कैसे बन रही है। उनका कहना है कि केवल एक-दो वाहनों पर कार्रवाई करने के बजाय उन स्रोतों की जांच होनी चाहिए, जहां से बिना एमएम-11 के खनिज उपलब्ध कराया जा रहा है। कुछ स्थानीय लोगों ने खनन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए नियमित फील्ड निरीक्षण की मांग की है। हालांकि, अधिकारियों पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस संबंध में सामने नहीं आया है। फिलहाल पकड़े गए ट्रक के मामले में विभागीय जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। जांच में यह भी सामने आ सकता है कि गिट्टी किस प्लांट से लोड की गई थी और उसके परिवहन के लिए आवश्यक दस्तावेज क्यों नहीं थे। मामले ने सोनभद्र में खनिज परिवहन की निगरानी और राजस्व सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज कर दी है। वही बिल्ली मारकुंडी क्रेसर एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने पूरे मामले को लेकर कहां कि जो भी खनन नियमों के विरुद्ध अवैध परिवहन करता पाया गया तो उसके खिलाफ विभाग कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। इसमें केसर संगठन कोई भी हस्तक्षेप नहीं करेगा, गलत का साथ क्रेसर एसोसिएशन कभी नहीं देता।


