Sonbhadra News: किसानों के लिए यूरिया और डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता, डीएम ने कालाबाजारी पर सख्ती के दिए निर्देश.
खरीफ अभियान 2026 के तहत सोनभद्र में किसानों के लिए यूरिया और डीएपी उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। 41 सहकारी समितियों को 603.36 मीट्रिक टन यूरिया और 36 समितियों को 462 मीट्रिक टन डीएपी आवंटित किया गया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने किसानों से अधिकृत केंद्रों से निर्धारित मूल्य पर उर्वरक खरीदने की अपील की है।
sonbhadra
9:05 PM, Jul 8, 2026
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जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने खरीफ सीजन में किसानों से निर्धारित मूल्य पर उर्वरक खरीदने की अपील की।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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खरीफ अभियान-2026 के तहत जनपद के किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की है। जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की संस्तुति पर जनपद की सहकारी समितियों को पर्याप्त मात्रा में यूरिया एवं डीएपी उर्वरक आवंटित किया गया है। पीसीएफ द्वारा समितियों एवं अधिकृत उर्वरक बिक्री केंद्रों पर उर्वरकों की आपूर्ति लगातार कराई जा रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिला प्रशासन के अनुसार 41 सहकारी समितियों को कुल 603.36 मीट्रिक टन यूरिया तथा 36 सहकारी समितियों को 462.00 मीट्रिक टन डीएपी उर्वरक का आवंटन स्वीकृत किया गया है। इन उर्वरकों को किसानों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी आवश्यकता के अनुसार उर्वरक केवल निकटतम सहकारी समिति अथवा अधिकृत उर्वरक बिक्री केंद्र से ही निर्धारित सरकारी मूल्य पर खरीदें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से उर्वरकों का भंडारण भी न करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि कहीं उर्वरकों की कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली (ओवररेटिंग) अथवा कृत्रिम अभाव पैदा करने की सूचना मिलती है तो किसान तत्काल सहकारिता विभाग के कंट्रोल रूम, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय या उप कृषि निदेशक कार्यालय को इसकी जानकारी दें। ऐसी शिकायतों पर प्रशासन द्वारा त्वरित जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उर्वरकों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है।
