Sonbhadra News: बीजपुर में बेशकीमती जमीन के विवाद को सुलझाने पहुंचे एडीएम, किया स्थलीय निरीक्षण.
बीजपुर-रेणुकूट मार्ग पर विवादित जमीन का एडीएम ने निरीक्षण किया। जमुना गुप्ता और गोविंद गुप्ता ने अपने दावे और दस्तावेज प्रस्तुत किए। मामले में वन विभाग की दावेदारी से विवाद और जटिल हो गया है। एडीएम ने साक्ष्यों के आधार पर जल्द निर्णय लेने की बात कही। स्थानीय स्तर पर जमीन को लेकर लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है।
sonbhadra
9:09 PM, Apr 11, 2026
Share:


स्थानीय स्तर पर जमीन को लेकर लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है।
Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें
Story By: नीरज गुप्ता, बीजपुर।
सोनभद्र।
विज्ञापन
बीजपुर-रेणुकूट मुख्य मार्ग पर सड़क किनारे स्थित करोड़ों की बेशकीमती जमीन को लेकर चल रहे विवाद ने अब प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है।शनिवार को न्यायिक अपर जिला मजिस्ट्रेट रमेश चंद्र ने अपनी टीम और राजस्व कर्मियों के साथ विवादित स्थल का मौका मुआयना किया। बीजपुर मोटर गैरेज से लेकर बस स्टैंड पुलिया के बीच सड़क की दक्षिण पटरी पर स्थित आराजी संख्या 1604 क और ख के कई बीघे का चक वर्तमान में विवाद का केंद्र बना हुआ है। इस जमीन पर न केवल निजी पक्षकार अपना दावा ठोक रहे हैं बल्कि वन विभाग की मौजूदगी ने मामले को और पेचीदा बना दिया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार भू-माफिया इस बेशकीमती जमीन को ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाने की फिराक में हैं जिसके कारण कब्जे को लेकर आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती है। निरीक्षण के दौरान दो मुख्य दावेदार जमुना गुप्ता और गोविंद गुप्ता अपनी-अपनी जमीनों का दावा करते हुए अपर जिला मजिस्ट्रेट के सामने आए। दोनों पक्षों ने सड़क पटरी के किनारे अपना कब्जा बताते हुए संबंधित दस्तावेज पेश किए।एडीएम रमेश चंद्र ने क्षेत्रीय लेखपाल के साथ पूरे रकबे का गहनता से स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारी ने दोनों पक्षों के मौखिक बयानों को सुना और उनके द्वारा प्रस्तुत कागजातों का अवलोकन किया। दोनों पक्षों के दावों और मौके की स्थिति को देखने के बाद अपर जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने कहा आप दोनों की पत्रावली मेरे पास मौजूद है। स्थलीय निरीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही इस पर विधिवत निर्णय लिया जाएगा। बीजपुर में निरीक्षण कार्य पूरा करने के बाद एडीएम की टीम सिरसोती गांव के लिए रवाना हो गई जहाँ एक अन्य भू-विवाद का स्थलीय निरीक्षण किया जाना था। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोग और राजस्व विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।



