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Sonbhadra News: भीषण गर्मी को लेकर प्रशासन अलर्ट, लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी.

जनपद सोनभद्र में बढ़ती गर्मी को देखते हुए लू से बचाव की एडवाइजरी जारी हुई। तापमान 45 डिग्री तक पहुंचने की आशंका जताई गई। अपर जिलाधिकारी वागीश कुमार शुक्ला ने सावधानी बरतने की अपील की। लोगों को अधिक पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी गई। दोपहर 12 से 4 बजे तक घर में रहने और सतर्क रहने के निर्देश।

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5:52 PM, Apr 24, 2026

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Sonbhadra News: भीषण गर्मी को लेकर प्रशासन अलर्ट, लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी.
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तापमान 45°C तक पहुंचने की आशंका, जिला प्रशासन की सावधानी बरतने की अपील।

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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।

जनपद में बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने लू (हीट स्ट्रोक) से बचाव के लिए जनहित में एक एडवाइजरी जारी की है। अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) वागीश कुमार शुक्ला ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है, और आने वाले दिनों में इसके 45 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। उन्होंने अवगत कराया कि शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा अधिक रहता है। इसी क्रम में, गर्म हवाओं और लू से बचने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। लू (हीट स्ट्रोक) के प्रमुख लक्षणों में गर्म, लाल और शुष्क त्वचा, पसीना न आना, तेज पल्स, उथली और तेज श्वास गति, व्यवहार में परिवर्तन या भ्रम की स्थिति शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सिरदर्द, मितली, थकान, कमजोरी, चक्कर आना और मूत्र की कमी भी इसके लक्षण हो सकते हैं। बचाव के उपायों के तहत, स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान पर ध्यान दें और तापमान में होने वाले परिवर्तनों के प्रति सतर्क रहें। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें। अधिक से अधिक पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो। हल्के रंग के, पसीना सोखने वाले हल्के वस्त्र पहनें। धूप के चश्मे, छाता, गमछा, टोपी और चप्पल का प्रयोग करें। यदि आप खुले में कार्य करते हैं, तो सिर, चेहरा, हाथ और पैरों को गीले कपड़े से ढककर रखें तथा छाते का उपयोग करें। दोपहर में घर से निकलते समय शरीर के अंगों को अधिक से अधिक ढककर रखें। सूती और खादी वस्त्र पहनें। यात्रा करते समय पीने का पानी साथ ले जाएं। घर में बने पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी (माड़), नींबू पानी और छाछ का उपयोग करें, ताकि शरीर में पानी की कमी पूरी हो सके। अपने घर को ठंडा रखें; पर्दे और दरवाजों का उपयोग करें तथा शाम/रात के समय घर और कमरों को ठंडा करने के लिए खोल दें। पंखे और गीले कपड़ों का उपयोग करें तथा बार-बार स्नान करें। कार्यस्थल पर ठंडा पीने का पानी उपलब्ध कराएं और कर्मियों को सीधी सूर्य की रोशनी से बचने के लिए सावधान करें। गर्भवती महिला कर्मियों और रोगग्रस्त कर्मियों पर अतिरिक्त ध्यान देना चाहिए। क्या न करें: गहरे रंग के, भारी और तंग कपड़े न पहनें। खाली पेट घर से बाहर न निकलें। एल्कोहल, चाय और कॉफी से परहेज करें। बासी खाने से बचें।जानवरों और बच्चों को कभी भी बंद या खड़ी गाड़ियों में अकेला न छोड़ें। दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर के अंदर रहें। दोपहर में अतिरिक्त शारीरिक श्रम न करें। वाहनों को धूप में खड़ा न करें और धूप में नंगे पांव न रहें। पशुओं को छाया में रखें और उन्हें ताजा पानी दें।


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