Sonbhadra News: बाढ़ की आशंका को लेकर प्रशासन अलर्ट, रेणुका नदी छठ घाट पर हुआ मॉक ड्रिल.
ओबरा में बाढ़ की संभावित स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। रेणुका नदी छठ घाट पर सीआईएसएफ, पुलिस, राजस्व, मेडिकल, आपूर्ति और पंचायती राज विभाग ने मॉक ड्रिल किया। मॉक ड्रिल में लोगों, बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को सुरक्षित निकालने का अभ्यास किया गया।
sonbhadra
5:58 PM, Sep 2, 2026
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रेणुका नदी में मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ राहत एवं बचाव टीम ने युवक को सुरक्षित बाहर निकाला।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ओबरा।
सोनभद्र।
लगातार हो रही बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के साथ डेम से पानी की निकासी को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर बुधवार को ओबरा तहसील क्षेत्र स्थित रेणुका नदी के छठ घाट पर मॉक ड्रिल किया गया। इसमें सीआईएसएफ, राजस्व, पुलिस, मेडिकल टीम, आपूर्ति विभाग और पंचायती राज विभाग की टीमों ने हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। टीमों ने आपात स्थिति में बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और पशुओं को सुरक्षित बाहर निकालने की तैयारियों का भी प्रदर्शन किया। राहत एवं बचाव दल को आवश्यक संसाधनों के साथ मौके पर तैनात रहने की स्थिति में रखा गया। क्षेत्राधिकारी प्रभात राय ने कहा कि बाढ़ राहत एवं बचाव टीम के सभी सदस्य मौके पर पहुंच चुके हैं। राहत कार्य के लिए आवश्यक संसाधन और सुविधाएं उपलब्ध हैं। किसी भी व्यक्ति या परिवार को घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आपात स्थिति में एक-एक व्यक्ति को सुरक्षित निकालना प्राथमिकता होगी। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
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उन्होंने निचले और तत्वर्ती इलाके के ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन हर समय लोगों की सहायता के लिए तैयार है और किसी भी परिवार को परेशानी में नहीं पड़ने दिया जाएगा। वहीं, ओबरा एसडीएम रवि कुमार पासवान लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर ग्रामीणों को नदी से दूर रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को नदी और जलभराव वाले स्थानों के आसपास नहीं जाने देने की अपील की। प्रशासन की ओर से वाटर और सायरन के माध्यम से भी लोगों को सतर्क किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें चिकित्सा व्यवस्था को लेकर अलर्ट हैं, जबकि आपूर्ति और पंचायती राज विभाग की ओर से जरूरत पड़ने पर भोजन और लंच पैकेट उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। सीआईएसएफ और पुलिस की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग के लिए तैयार हैं। एसडीएम ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के साथ भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।



