मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news advocates submitted a memorandum to the deputy registration officer in protest against the new circle rate list

Sonbhadra News: नई सर्किल रेट सूची के विरोध में अधिवक्ताओं ने उप निबंधन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन.

नई सर्किल रेट (नवीन दर सूची) के विरोध में अधिवक्ताओं ने उप निबंधन अधिकारी को स्टांप एवं पंजीयन विभाग के मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने प्रस्तावित दर सूची को अत्यधिक जटिल बताते हुए इसे वर्तमान स्वरूप में लागू न करने की मांग की। संघर्ष समिति ने कहा कि व्यवस्था सरल, पारदर्शी और जनहितकारी होनी चाहिए। बड़ी संख्या में अधिवक्ता विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे।

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5:37 PM, Jul 28, 2026

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Sonbhadra News: नई सर्किल रेट सूची के विरोध में अधिवक्ताओं ने उप निबंधन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन.
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नई सर्किल रेट के विरोध में अधिवक्ताओं ने उप निबंधन अधिकारी को स्टांप एवं पंजीयन मंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।

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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।

ओबरा तहसील के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित नई सर्किल रेट सूची और स्टांप एवं पंजीयन विभाग के नए नियमों का विरोध किया। उन्होंने उप निबंधन अधिकारी को स्टांप एवं पंजीयन विभाग के मंत्री रमेश जायसवाल के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ता संघर्ष समिति के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने नई दर सूची को अत्यधिक जटिल बताया। उन्होंने मांग की कि इसे वर्तमान स्वरूप में लागू न किया जाए। ज्ञापन में कहा गया कि प्रस्तावित नवीन दर सूची को छह चरणों में तैयार किया गया है, जिससे इसे समझना आम नागरिकों, अधिवक्ताओं और विभागीय अधिकारियों के लिए भी कठिन हो गया है। अधिवक्ताओं के अनुसार, इस जटिलता से जनसुविधा बढ़ने के बजाय आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों और भ्रम का सामना करना पड़ेगा। संघर्ष समिति के संयोजक एडवोकेट उमेश चंद शुक्ला ने कहा कि यदि सर्किल रेट में संशोधन आवश्यक है, तो वर्तमान में लागू दर सूची के आधार पर ही आवश्यक परिवर्तन किए जाएं। एडवोकेट शुक्ला ने जोर दिया कि व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और जनहितकारी बनाया जाना चाहिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को भूमि क्रय-विक्रय की प्रक्रिया में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। ज्ञापन में एक और महत्वपूर्ण बिंदु उठाया गया। इसमें कहा गया कि कृषि भूमि के क्रय के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 300 वर्गमीटर और विकासशील क्षेत्रों में 500 वर्गमीटर की सीमा निर्धारित करने का प्रस्ताव सोनभद्र की भौगोलिक एवं सामाजिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि सोनभद्र जिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की बड़ी आबादी निवास करती है। ऐसे में यह व्यवस्था आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक और प्रशासनिक बोझ डाल सकती है।अधिवक्ताओं ने एक बार फिर मांग की कि प्रस्तावित जटिल दर सूची को वर्तमान स्वरूप में लागू न किया जाए और जनहित को ध्यान में रखते हुए एक सरल एवं व्यवहारिक व्यवस्था लागू की जाए। इस अवसर पर संजय द्विवेदी, दिनेश पांडेय, नंदलाल पाठक, सुशील पांडेय, अर्जुन शर्मा, अजय यादव, मनीष मिश्रा, अमित उपाध्याय, मनोज पाठक, कमलेश यादव, राजीव कुमार दत्ता, कौशल पांडेय, वीरेंद्र पांडेय, एस.के. जैन सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।


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