Sonbhadra News: कुत्ते के काटने के बाद अस्पताल जाने को तरसते रहे मासूम, जलमग्न रास्ते ने रोकी राह.
कोन के पिंडारी गांव में कुत्ते के काटने से घायल एक बच्ची और बच्चे को अस्पताल पहुंचाने में बारिश ने मुश्किल खड़ी कर दी। जलमग्न और जर्जर रास्ते पर वाहन नहीं पहुंच सका, जिसके बाद ग्रामीणों ने पनडुब्बी नाव से दोनों मासूमों को पानी पार कराकर अस्पताल पहुंचाया। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
sonbhadra
5:08 PM, Sep 3, 2026
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कुत्ते के हमले में घायल युवक, शरीर पर दिखे काटने के निशान; स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल ले जाया गया।
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Story By: अनुज जायसवाल।
सोनभद्र।
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लगातार बारिश के चलते कोन थाना क्षेत्र के चकरिया चौकी अंतर्गत पिंडारी ग्राम पंचायत में बुधवार रात दो मासूमों को अस्पताल पहुंचाना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बन गया। गांव में एक बच्ची और एक बच्चे को कुत्ते ने काट लिया। उपचार के लिए तत्काल अस्पताल ले जाने की जरूरत थी, लेकिन बारिश के कारण गांव को जोड़ने वाला रास्ता जलमग्न हो गया था। वाहन नहीं पहुंच पाने पर ग्रामीणों ने पनडुब्बी नाव का सहारा लेकर दोनों बच्चों को पानी पार कराया और अस्पताल पहुंचाया। ग्रामीणों के अनुसार, पिंडारी गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाला संपर्क मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। बारिश के दिनों में सड़क पर जगह-जगह पानी भर जाता है और रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है। बुधवार रात कुत्ते के काटने के बाद जब दोनों बच्चों को अस्पताल ले जाने की जरूरत पड़ी तो जलभराव के कारण कोई वाहन गांव तक नहीं पहुंच सका। ऐसे में परिजनों की चिंता बढ़ गई। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से पनडुब्बी नाव की व्यवस्था की और दोनों बच्चों को पानी के रास्ते बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। इस दौरान ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। समय रहते बच्चों को अस्पताल पहुंचाने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। ग्रामीण नंदकिशोर पासवान ने बताया कि पिंडारी क्षेत्र में सड़क की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। सामान्य दिनों में भी जर्जर मार्ग के कारण आवागमन में परेशानी होती है, जबकि बारिश के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है। जलभराव के कारण ग्रामीणों को राबर्ट्सगंज और कोन बाजार तक पहुंचने में भी दिक्कत होती है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या केवल आवागमन तक सीमित नहीं है, बल्कि आपात स्थिति में जान पर भी भारी पड़ सकती है। यदि रात के समय किसी व्यक्ति की तबीयत अचानक बिगड़ जाए, किसी महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो जाए या कोई गंभीर दुर्घटना हो जाए तो मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो जाएगा। बुधवार रात बच्चों के साथ हुई घटना ने एक बार फिर इस समस्या को सामने ला दिया। ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क निर्माण और जलनिकासी की समस्या दूर कराने की मांग कई वर्षों से की जा रही है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। बारिश में रास्ते पर पानी भरने से ग्रामीणों का संपर्क प्रभावित हो जाता है और उन्हें जरूरी काम के लिए भी जोखिम उठाना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पिंडारी के संपर्क मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क को आवागमन योग्य बनाने के साथ बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था भी जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी मरीज या मासूम को अस्पताल पहुंचाने के लिए नाव का सहारा लेने की नौबत न आए।



