Sonbhadra News: नधिरा आयुर्वेदिक अस्पताल में चिकित्सक की गैरहाजिरी का आरोप, चपरासी के भरोसे दवा वितरण; डीएम से जांच की मांग.
म्योरपुर ब्लॉक के नधिरा स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। चिकित्सक की नियमित अनुपस्थिति और कंपाउंडर का पद खाली होने से अस्पताल का संचालन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे होने का आरोप है। भाजपा मंडल अध्यक्ष ने डीएम से जांच की मांग की, जबकि सीएमओ ने जांच कराने का आश्वासन दिया है।
sonbhadra
4:10 PM, Oct 31, 2026
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नधिरा आयुर्वेदिक चिकित्सालय की बदहाल व्यवस्था, चिकित्सक की अनुपस्थिति और चपरासी द्वारा दवा वितरण पर उठे सवाल।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, म्योरपुर।
सोनभद्र।
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विकास खंड म्योरपुर के ग्राम पंचायत नधिरा स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की व्यवस्थाओं पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि अस्पताल में तैनात चिकित्सक डॉ. आनंद सिंह नियमित रूप से अस्पताल नहीं आते, जिसके कारण अस्पताल का संचालन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे हो रहा है और मरीजों को दवाएं भी वही वितरित कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटर का पद लंबे समय से खाली है, जबकि कंपाउंडर का करीब चार माह पहले नौडीहा स्थानांतरण हो चुका है। ऐसे में अस्पताल की अधिकांश जिम्मेदारी चपरासी दीपक गोंड़ निभा रहे हैं। दीपक गोंड़ ने बताया कि उनके पिता पहले इसी अस्पताल में कार्यरत थे। उनकी मृत्यु के बाद उन्हें मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मिली। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रतिदिन समय पर खुलता है और दवा वितरण का कार्य वही करते हैं। उनका कहना है कि दवा देना उन्होंने अपने पिता से सीखा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल में चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं और उपचार संबंधी कार्य गैर-चिकित्सकीय कर्मचारी के माध्यम से हो रहा है, तो किसी आपात स्थिति या अनहोनी की जिम्मेदारी किसकी होगी। ग्रामीणों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि डॉ. आनंद सिंह की तैनाती नधिरा अस्पताल में है तो उनकी नियमित उपस्थिति क्यों नहीं सुनिश्चित हो रही है। मामले को लेकर भाजपा के बभनी मंडल अध्यक्ष लालकेश कुशवाहा ने जिलाधिकारी से अस्पताल की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीण इस अस्पताल पर निर्भर हैं, इसलिए यहां नियमित चिकित्सक और आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस बाबत जब डाॅ आनन्द सिंह से बात करने पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस बाबत जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोनभद्र डॉ रमेश कुमार मिश्रा से बात करने पर बताया कि मामले की जांच की जाएगी



