Sonbhadra News: अश्लील गाना बजाने से मना करने पर ग्रामीण की पिटाई का आरोप, पीएचसी पर प्रदर्शन.
बभनी के सतबहनी गांव स्थित एडिशनल पीएचसी में अश्लील गाना बजाने और शोर-शराबे से मना करने पर बुजुर्ग ग्रामीण से मारपीट के आरोप का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों पर आरोप लगाते हुए सोमवार को पीएचसी के सामने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोपी चिकित्सक को हटाने और मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की।
sonbhadra
9:16 PM, Aug 10, 2026
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सतबहनी एडिशनल पीएचसी में ग्रामीण से मारपीट के आरोप के बाद प्रदर्शन करते ग्रामीण और घायल ग्रामीण।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
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बभनी थाना क्षेत्र के सतबहनी गांव स्थित एडिशनल पीएचसी में रविवार रात अश्लील गाना बजाने और कथित रूप से हुड़दंग करने से मना करने पर एक बुजुर्ग ग्रामीण के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने पीएचसी में तैनात चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाते हुए सोमवार सुबह अस्पताल के सामने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने आरोपी चिकित्सक को वहां से हटाने की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, रविवार रात करीब नौ बजे एडिशनल पीएचसी परिसर में चिकित्सक और अन्य स्टाफ द्वारा पार्टी की जा रही थी। आरोप है कि इसके बाद तेज आवाज में साउंड लगाकर अश्लील गाने बजाए जाने लगे। गांव के बरवाटोला निवासी बुजुर्ग छन्नूलाल पुत्र राम कुमार ने अश्लील गाना बजाने और शोर-शराबा करने से मना किया। आरोप है कि इसी बात को लेकर चिकित्सक और अन्य लोगों ने उनके साथ मारपीट कर दी। घटना की जानकारी सोमवार सुबह ग्रामीणों को हुई तो बड़ी संख्या में लोग एडिशनल पीएचसी पहुंच गए। ग्रामीणों ने अस्पताल के सामने प्रदर्शन करते हुए आरोपी चिकित्सक को वहां से हटाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चिकित्सक के व्यवहार को लेकर पहले भी ग्रामीणों में नाराजगी रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इससे पूर्व लालबहादुर, रामप्यारे और प्रमोद कुमार समेत कई ग्रामीणों के साथ चिकित्सक द्वारा अभद्रता की जा चुकी है। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने चिकित्सक पर अन्य आरोप भी लगाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में छन्नूलाल, लालबहादुर, रामप्यारे, दीनानाथ, जगमनिया, देवेंद्र कुमार, फूलमती, उमेश कुमार, कृपाशंकर, जगोत्री देवी, हरिप्रसाद, दयाशंकर और धनुकधारी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। वहीं चिकित्सक डॉ. बसंत कुमार ने ग्रामीणों के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई है और लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजन सिंह ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। मामले की जानकारी प्राप्त करने के बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
