Sonbhadra News: राजासरई में अमृत सरोवर की सफाई में खानापूर्ति का आरोप, मनरेगा में फर्जी हाजिरी की शिकायत.
म्योरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत राजासरई में अमृत सरोवर की सफाई और पौधरोपण में अनियमितता के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने मनरेगा में फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया और मौके पर केवल एक व्यक्ति के मिलने का दावा किया। समाजसेवी दिवाकर चौबे ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।
sonbhadra
5:24 PM, Oct 24, 2026
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म्योरपुर के राजासरई में अमृत सरोवर की बदहाली और साफ-सफाई में कथित खानापूर्ति की तस्वीरें, ग्रामीणों ने मनरेगा कार्यों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, म्योरपुर।
सोनभद्र।
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विकास खंड म्योरपुर की ग्राम पंचायत राजासरई में अमृत सरोवर की साफ-सफाई और पौधरोपण के नाम पर खानापूर्ति किए जाने और मनरेगा कार्यों में फर्जी हाजिरी लगाकर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और रोजगार सेवक पर मिलीभगत कर अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, अमृत सरोवर में जी राम जी योजना के तहत साफ-सफाई का कार्य कराया जा रहा है, लेकिन मौके पर काम की स्थिति संतोषजनक नहीं है। आरोप है कि मजदूर सुबह करीब आठ बजे कार्यस्थल पर पहुंचते हैं और आधे घंटे बाद हाजिरी लगाकर चले जाते हैं। इसके बाद भी पूरे दिन की उपस्थिति दर्ज किए जाने की शिकायत है। ग्रामीणों ने मौके पर केवल एक व्यक्ति के मिलने का दावा किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा कार्यस्थल पर मजदूरों की स्कैनिंग और उपस्थिति दर्ज होने के बाद कई लोग घर लौट जाते हैं, जबकि उनकी पूरे दिन की हाजिरी दर्ज की जाती है। कुछ ऐसे लोगों के नाम भी मस्टर रोल में दर्ज होने का आरोप है, जिन्होंने काम नहीं किया। इसके अलावा, कुछ कार्यों को पूरा कराए बिना ही अभिलेखों में पूर्ण दर्शाकर भुगतान निकालने की भी शिकायत की गई है। इस मामले में समाजसेवी दिवाकर चौबे ने जिलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, रोजगार सेवक ने बताया कि शनिवार को 13 लोगों की हाजिरी लगवाई गई है। हालांकि, ग्रामीणों की शिकायतों और मौके पर मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए जांच की मांग की जा रही है। अब देखना है कि संबंधित विभाग मामले की जांच कर आरोपों की सच्चाई सामने लाता है या नहीं।



