Sonbhadra News: डीह बाबा मंदिर के पास अवैध निर्माण का आरोप, आवास में अवैध मदरसा संचालित होने की बात आई सामने.
ओबरा थाना क्षेत्र के भलुआ टोला में वन विभाग की जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद गहरा गया। बीते शनिवार शाम वन विभाग की भूमि पर कथित कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। सूचना मिलने पर ओबरा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले आई। वन भूमि पर आवंटित आवास में एक अवैध मदरसा संचालित होने का भी स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है।
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1:14 PM, Feb 1, 2026
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मामले को लेकर पुलिस की जांच जारी।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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ओबरा थाना क्षेत्र के भलुआ टोला में वन विभाग की जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद गहरा गया। बीते शनिवार शाम वन विभाग की भूमि पर कथित कब्जे को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए हैं। सूचना मिलने पर ओबरा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले आई। वन भूमि पर आवंटित आवास में एक अवैध मदरसा संचालित होने का भी स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है। स्थिति तनावपूर्ण होते देख ओबरा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर थाने ले गई और शांति भंग करने के आरोप में चार लोगों और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की। भाजपा ओबरा मंडल उपाध्यक्ष विकास कुमार सिंह ने बताया कि यह विवाद डीह बाबा मंदिर के निर्माण को लेकर शुरू हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवंटित घरों में मदरसा चलाया जा रहा है। विकास सिंह के अनुसार, यदि प्रधानमंत्री आवास में मदरसा संचालित हो रहा है और बाहरी छात्र प्रशिक्षण के लिए आ रहे हैं, तो यह गंभीर मामला है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या वन विभाग की जमीन पर प्रधानमंत्री आवास आवंटित किए गए हैं। विकास कुमार सिंह ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और स्थलीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग को इस मामले की जांच करनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। भाजपा ओबरा मंडल उपाध्यक्ष नित्यानंद दुबे ने बताया कि यह भूमि सार्वजनिक और वन भूमि है। स्थानीय लोगों ने निर्माण का विरोध किया। दुबे ने आरोप लगाया कि यहां एक अवैध मदरसा संचालित हो रहा है, जहां बाहर के लोग प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त हो सकते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वन भूमि पर आवास स्वीकृत होने पर भी सवाल उठाया। दुबे ने इसे जांच का विषय बताते हुए जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की। नित्यानंद दुबे के अनुसार, इस स्थिति के कारण हिंदू परिवार पलायन करने की बात कह रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। उन्होंने पूरे भलुआ टोला की स्थलीय जांच कर सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की। स्थानीय लोगों ने बताया कि संचालित मदरसे में एक दर्जन से अधिक बच्चे पढ़ने आते हैं। हालांकि, उनके आने-जाने के समय की जानकारी किसी को नहीं है। कुछ बच्चे यहीं रहते हैं और खेलते हैं, जबकि कुछ स्थानीय बच्चे पढ़ने आते हैं।



