ब्रेकिंग न्यूज़
sliderimg
sliderimg
मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news allegation of mineral transportation without mm 11 questions raised on the functioning of crusher plants demand to make the information about the action public

Sonbhadra News: बिना एमएम-11 खनिज परिवहन का आरोप, क्रशर प्लांटों की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल, कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग.

डाला क्षेत्र में कुछ क्रशर प्लांटों से बिना एमएम-11 प्रपत्र के खनिज परिवहन किए जाने के आरोपों ने सवाल खड़े किए हैं। क्रशर ओनर्स एसोसिएशन के सचिव पिंकू सिंह ने खनन बैरियर लगाने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। खनन विभाग के अनुसार, मामला जांच के अधीन है और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि होगी।

sonbhadra

4:52 PM, Oct 14, 2026

Share:

Sonbhadra News: बिना एमएम-11 खनिज परिवहन का आरोप, क्रशर प्लांटों की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल, कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग.
logo

डाला क्षेत्र में खनन विभाग की कार्रवाई के दौरान पकड़े गए दो मालवाहक वाहन, जिन्हें जांच के लिए डाला चौकी में खड़ा कराया गया।

Daily ख़बरों के लिए फ़ॉलो करें

Story By: आर. एन. पाण्डेय, डाला।

सोनभद्र।

डाला क्षेत्र में खनन विभाग की टीम ने मंगलवार को नियमों के विपरीत संचालित किए जा रहे दो मालवाहक वाहनों को पकड़कर डाला चौकी में खड़ा करा दिया। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही खनन क्षेत्र में हलचल मच गई। हालांकि, पकड़े गए वाहनों और क्रेसर के विरुद्ध किस नियम के तहत कार्रवाई की गई और आगे क्या कदम उठाए गए, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह की कार्रवाई पहले भी हो चुकी है, लेकिन पकड़े गए वाहनों के संबंध में विभागीय कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती। लोगों ने मांग की कि खनन विभाग को यह बताना चाहिए कि किन कारणों से वाहन पकड़े गए, उनके दस्तावेजों की जांच में क्या सामने आया और उनके विरुद्ध क्या कार्रवाई की गई। लोगों का आरोप है कि कार्रवाई के बाद कुछ वाहन दोबारा सड़कों पर चलते दिखाई देते हैं। ऐसे में विभागीय कार्रवाई की पारदर्शिता और उसकी निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

परमिट और रवन्ने की जांच की उठी मांग-:

खनन क्षेत्र से सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कुछ वाहनों के रवन्ने पर निर्धारित मुहर और अन्य औपचारिकताओं को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ वाहन लंबी दूरी का परमिट लेकर स्थानीय क्षेत्र में ही खनिज ढुलाई के कई चक्कर लगाते हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि कुछ वाहन एक ही दिन में 2 से 3 चक्कर तक लगा देते हैं। जिससे राजस्व की क्षति होती है। हालांकि ऐसे मामलों की स्वतंत्र पुष्टि खनन विभाग द्वारा कभी नहीं की गईं, ऐसे में खनन विभाग को संबंधित वाहनों के परमिट, रवन्ने और अन्य दस्तावेजों की जांच करनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने खनन विभाग से पकड़े गए दोनों वाहनों की जांच और कार्रवाई का विवरण स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित वाहन स्वामियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक होने से खनिज परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी। फिलहाल, खनन विभाग की ओर से पकड़े गए वाहनों के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है। विभागीय जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बता दे कि खनिज परिवहन और क्रशर प्लांटों के संचालन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों के हवाले से आरोप लगाया जा रहा है कि जय जय सियाराम और लक्ष्मी स्टोन क्रशर से कथित तौर पर बिना एमएम-11 प्रपत्र के छोटे टिप्परों पर खनिज लोड कराकर रात के अंधेरे में कोटा के रास्ते कोन, कचनरवा, दुद्धी और बिहार सीमा तक भेजा जाता है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। कुछ छोटे टिप्परों में निर्धारित क्षमता से अधिक, करीब 500 से 600 घनफीट तक खनिज लोड किए जाने का भी आरोप है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि क्रशर प्लांटों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो खनिज परिवहन से संबंधित दस्तावेजों और वाहनों की लोडिंग की निगरानी किस तरह की जाती है। खनन विभाग ने इस मामले को जांच का विषय बताया है। विभाग के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

विज्ञापन

खनन बैरियर लगाने की उठी मांग-:

वही क्रशर ओनर्स एसोसिएशन के सचिव पिंकू सिंह ने बताया कि संगठन की ओर से खनन विभाग के अधिकारियों को कई बार डाला चढ़ाई से शहीद स्मारक के बीच खनन बैरियर स्थापित करने की मांग से अवगत कराया गया है। उनका कहना है कि बैरियर स्थापित होने से खनिज लदे वाहनों की जांच और राजस्व चोरी पर अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है। बिना एमएम-11 के पकड़े जाने वाले वाहनों और संबंधित क्रशर प्लांटों पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वाहन की माप के आधार पर निर्धारित नियमों के अनुसार अर्थदंड राजकोष में जमा कराया जाना चाहिए। उन्होंने परिवहन विभाग और खनन विभाग से ऐसे वाहनों तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्लांटों को चिह्नित कर कार्रवाई करने की मांग की।

क्रशर संचालन की समय-सारणी के पालन पर जोर-:

पिंकू सिंह के मुताबिक, पर्यावरणीय व्यवस्था के अनुपालन के लिए शाम पांच बजे से रात दस बजे तक क्रशर प्लांट बंद रखने का निर्देश है। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सारणी का उल्लंघन करने वाले प्लांटों पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि क्रशर प्लांटों पर सीसीटीवी कैमरे सुचारू रूप से संचालित होने चाहिए, ताकि वाहनों की लोडिंग और खनिज परिवहन की निगरानी की जा सके। फिलहाल, खनन विभाग की जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और किन लोगों या प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई की आवश्यकता है।


headingicon

सम्बंधित खबर


headingicon

विज्ञापन


headingicon

लोकल न्यूज़

और देखे
headingicon

विज्ञापन

headingicon

विज्ञापन

Design and Developed by SpriteEra IT Solutions Pvt. Ltd.
© Copyright Purvanchal Bhaskar 2025. All rights reserved.