Sonbhadra News: बभनी सीएचसी में दुर्व्यवहार का आरोप, सिरिंज तक नहीं मिली; मरीज परेशान.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी में बीमार महिला को इंजेक्शन लगवाने के दौरान परेशान किए जाने और सिरिंज उपलब्ध नहीं होने का आरोप लगा है। मामले में एक कर्मचारी पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है।
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9:00 PM, Oct 12, 2026
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बभनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) की तस्वीर, जहां मरीजों को बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं मिलने को लेकर सवाल उठे हैं।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय,बभनी।
सोनभद्र।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बभनी में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावों के बीच अव्यवस्थाओं और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल में सिरिंज जैसी बुनियादी जरूरत भी उपलब्ध नहीं थी। वहीं, इंजेक्शन लगवाने पहुंची एक बीमार महिला को काफी देर तक परेशान होना पड़ा। इस दौरान अस्पताल के एक कर्मचारी पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, विनोद कुमार सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बभनी पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि एक बीमार महिला इलाज के लिए अस्पताल आई थी। चिकित्सक ने जांच के बाद महिला को इंजेक्शन लगाने की सलाह दी। महिला जब इंजेक्शन लेने के लिए काउंटर पर पहुंची तो वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। काफी देर तक इधर-उधर भटकने के बाद महिला दोबारा चिकित्सक के पास पहुंची। इसके बाद चिकित्सक ने फोन कर संबंधित कर्मचारी को बुलाया, तब काफी मशक्कत के बाद इंजेक्शन मिल सका। इसके बाद महिला इंजेक्शन लगवाने के लिए कक्ष संख्या छह में पहुंची। आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारी ने दवा और सिरिंज उपलब्ध नहीं होने की बात कही। जब सरकारी अस्पताल में सिरिंज नहीं होने पर सवाल उठाया गया तो कर्मचारी ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा, "ज्यादा मत बोलो, जितना कहा जाता है उतना करो।" इस दौरान विनोद कुमार ने बीमार महिला की मदद की और मामले को सामने लाया। घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों के साथ किए जाने वाले व्यवहार पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीएचसी बभनी में इस तरह की समस्याएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। उनका कहना है कि यदि मरीजों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़े और उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार न किया जाए तो सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य प्रभावित होता है। स्थानीय लोगों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सोनभद्र से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोप सही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अस्पताल में दवा, सिरिंज और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में गरीब और जरूरतमंद मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार सुनिश्चित करना जरूरी है। हालांकि, मामले में संबंधित स्वास्थ्यकर्मी और अस्पताल प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


