Sonbhadra News: खैराडीह में तीन बीघा वन भूमि पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों में आक्रोश.
बभनी के खैराडीह गांव में मुख्य मार्ग से सटी करीब तीन बीघा वन भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगा है।ग्रामीणों का आरोप है कि भूमाफिया ने कंक्रीट के पिलर खड़े कर खटाल बनाने के साथ जमीन पर फसल भी लगा दी है। ग्रामीणों की शिकायत पर एसडीएम ने जांच कराकर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का आश्वासन दिया है।
sonbhadra
1:57 PM, Sep 10, 2026
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खैराडीह में वन भूमि पर बने कथित अवैध खटाल और खड़े किए गए कंक्रीट के पिलर का दृश्य।
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Story By: चंद्रशेखर पाण्डेय, बभनी।
सोनभद्र।
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बभनी ब्लॉक के खैराडीह गांव में भूमाफिया के हौसले बुलंद हैं। मुख्य मार्ग के किनारे स्थित लगभग तीन बीघा बेशकीमती वन भूमि पर एक रसूखदार भूमाफिया ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। कब्जा करने के उद्देश्य से माफिया ने जमीन के ऊपर बड़े-बड़े कंक्रीट के पिलर खड़े कर खटाल का निर्माण कर लिया, तथा उस पर मकई आदि की फसल भी लगा दी है।लंबे समय से इस बेशकीमती जमीन पर भूमाफिया द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण को लेकर स्थानीय आदिवासी समाज में भारी नाराजगी है। बड़ी संख्या में आदिवासियों और ग्रामीणों ने इस संबंध में जिम्मेदार जन प्रतिनिधि, प्रशासन व वन विभाग से लिखित शिकायत दर्ज कराया है, ग्रामीणों का आरोप है कि मुख्य मार्ग से सटी यह भूमि सार्वजनिक और वन क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जिसे साजिश के तहत हड़पा जा रहा है। आदिवासियों की चौतरफा शिकायत और बढ़ते दबाव के बाद आखिरकार वन विभाग की टीम विगत एक माह पूर्व मौके पर जांच करने पहुँची थी और जमीन के कुछ खाली हिस्से में पौध रोपड़ कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लिया था। हालांकि वन विभाग की इस कार्रवाई से ग्रामीण बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की टीम ने केवल औपचारिकता निभाते हुए जमीन के एक बहुत छोटे से हिस्से पर आनन-फानन में पौधरोपण कर दिया और अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। ग्रामीणों का कहना है कि जहां भूमाफिया ने तीन बीघा जैसी विशाल भूमि को पिलर और खटाल बनाकर पूरी तरह से घेर रखा है, वहाँ महज कुछ दूरी में पौधे लगाकर खानापूर्ति करना वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आदिवासियों ने मांग की है कि भूमाफिया द्वारा खड़े किए गए अवैध पिलरों और खटाल को तत्काल ध्वस्त किया जाए और पूरी की पूरी तीन बीघा भूमि को कब्जामुक्त कराकर माफिया के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। यदि प्रशासन इस पर सख्त कदम नहीं उठाता है, तो स्थानीय ग्रामीण आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीण जय सिंह, बृज बिहारी, चंद्रशेखर, सदानंद, जगत सिंह, पृथ्वीलाल, लल्लन सिंह, विनोद कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में जुटे आदिवासियों ने उक्त जमीन पर चारागाह, स्कूल, श्मशान घाट सहित अन्य सार्वजनिक बिकास कार्य कराने का प्रस्ताव पास किया था ।लेकिन वन विभाग की मेहरबानी से बन भूमि पर कब्जा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इस संबंध में दुद्धी के उप जिलाधिकारी अशोक कुमार गुप्ता से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि प्रकरण की जांच कराकर अतिक्रमण मुक्त करा दिया जायेगा।



