Sonbhadra News: ओबरा क्षेत्र में अवैध बालू खनन का आरोप, जिम्मेदार अधिकारीयों पर उठे सवाल.
खैरटिया में मिट्टी खुदाई की आड़ में बालू खनन का आरोप। रखड़ डैम के पास भारी मात्रा में बालू डंप मिला। सूचना पर पुलिस ने जेसीबी चालक को हिरासत में लिया। जेसीबी मशीन मौके पर ही छोड़ने पर उठे सवाल। वन विभाग की एनओसी बिना खनन होने का आरोप।
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4:17 PM, Apr 18, 2026
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रेणुका नदी के पास मिट्टी खनन की आड़ में बालू खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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ओबरा थाना क्षेत्र के खैरटिया स्थित रेणुका नदी के पास अवैध बालू खनन को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मिट्टी खुदाई के नाम पर बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि रेणुका नदी के पास बनाए जा रहे राखड़ डैम के पास सैकड़ों गाड़ियों से बालू डंप किया गया है। मौके पर मौजूद स्टॉफ ने बताया जैसा मालिक का आदेश होता है वैसा हमलोग कार्य करते है रात में कार्य करने के लिए बोलते है, बालू खनन कर मिट्टी भरने की बात पर स्टॉफ गोल मोल जवाब देने लगा और बोला आपलोग तो देख ही रहे है। आरोप है कि संबंधित अधिकारियों- एसडीएम ओबरा, परियोजना अधिकारी और लेखपाल को जानकारी होने के बावजूद खनन का सिलसिला थम नहीं रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मामले की जानकारी देने के लिए जब ओबरा एसडीएम से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद एक पत्रकार द्वारा ओबरा थाना प्रभारी को सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस हरकत में आई और थाना प्रभारी के निर्देश पर हमराही ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी चालक को हिरासत में लेकर थाना ओबरा भेज दिया। हालांकि, जेसीबी मशीन को मौके पर ही छोड़ दिए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब वन विभाग द्वारा बालू खनन की एनओसी जारी नहीं की गई है, तो फिर खुलेआम खनन कैसे किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि संबंधित विभागों को इस गतिविधि की पूरी जानकारी है, फिर भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में यह अवैध खनन चल रहा है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो इसे प्रशासन की मिलीभगत माना जाएगा या अधिकारी सत्ता पक्ष के दबाव में है। फिलहाल पुलिस द्वारा मामले की जांच की बात कही जा रही है, लेकिन अब सभी की निगाहें खनन विभाग और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
