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मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news allegations of irregularities in nrlm schemes ruckus among group friends regarding payment of dry ration

Sonbhadra News: एनआरएलएम योजनाओं में अनियमितता के आरोप, ड्राई राशन भुगतान को लेकर समूह सखियों का हंगामा.

सोनभद्र के घोरावल ब्लॉक अंतर्गत शाहगंज क्षेत्र में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) से जुड़ी योजनाओं में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। महिलाओं का कहना है कि उन्हें कई महीनों से मानदेय नहीं मिला है और ड्राई राशन का भाड़ा भी वर्षों से लंबित है। विरोध करने पर नौकरी से हटाने और भुगतान रोकने की धमकी दी जाती है। वहीं कुछ सखियों ने डीसी के नाम पर घूस मांगने का भी आरोप लगाया।

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7:29 PM, Apr 5, 2026

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Sonbhadra News: एनआरएलएम योजनाओं में अनियमितता के आरोप, ड्राई राशन भुगतान को लेकर समूह सखियों का हंगामा.
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ब्लॉक मिशन प्रबंधक और उनकी टीम पर अवैध धन उगाही का भी आरोप।

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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।

जनपद के घोरावल ब्लॉक अंतर्गत शाहगंज क्षेत्र में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत संचालित योजनाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं। शनिवार को बुद्धा स्वयं सहायता समूह कार्यालय पर बड़ी संख्या में पहुंचीं समूह सखियों ने ब्लॉक मिशन प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। समूह सखियों का आरोप है कि ब्लॉक मिशन प्रबंधक और उनकी सहयोगी द्वारा योजनाओं के नाम पर अवैध धन उगाही की जा रही है। महिलाओं का कहना है कि उनसे डीसी एनआरएलएम के नाम पर रिश्वत मांगी जाती है। विरोध करने पर उनका मानदेय रोक दिया जाता है और नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। कई सखियों ने आरोप लगाया कि उनसे जबरन ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं, जबकि उन्हें यह नहीं बताया जाता कि उक्त राशि किस उद्देश्य से निकाली जा रही है। महिलाओं ने विशेष रूप से ड्राई राशन के भुगतान में भारी अनियमितता का आरोप लगाया है। श्वेता गिरी ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से ड्राई राशन का भाड़ा नहीं मिला है, जबकि वे लगातार कार्य कर रही हैं। इसके अलावा नौ महीने से मानदेय भी लंबित है। उन्होंने कहा कि मात्र 2000 रुपये के मानदेय में परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल है, जबकि राशन ढुलाई में भी उन्हें खुद खर्च उठाना पड़ता है। एक अन्य पीड़िता श्वेता ने आरोप लगाया कि ड्राई राशन और मानदेय से जुड़े भुगतान के नाम पर उनसे डीसी के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की गई और दबाव बनाकर पैसे भी लिए गए। उन्होंने कहा कि यदि पैसा नहीं दिया जाता तो मानदेय रोकने और नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। अध्यक्ष ममता ने बताया कि पूजा नामक कर्मचारी द्वारा बार-बार ब्लैंक चेक पर हस्ताक्षर कराए जाते हैं। महिलाओं को यह तक नहीं बताया जाता कि ड्राई राशन या अन्य मदों का पैसा किस प्रकार निकाला जा रहा है और कहां खर्च हो रहा है। अन्य समूह सखियों ने भी आरोप लगाया कि ड्राई राशन वितरण का कार्य पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है, लेकिन उन्हें अब तक एक रुपये का भी भुगतान नहीं मिला है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। हालांकि, ब्लॉक मिशन प्रबंधक प्रदीप कुमार ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ड्राई राशन का भुगतान अभी तक शासन स्तर से प्राप्त नहीं हुआ है और जैसे ही धनराशि आएगी, वह सीधे समूहों के खातों में भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी लेन-देन बैंक के माध्यम से होते हैं और जांच के लिए वे पूरी तरह तैयार हैं। वहीं बीके पद पर कार्यरत पूजा ने भी आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि चेक संबंधी प्रक्रिया तकनीकी कारणों से अपनाई जाती है और सभी भुगतान खातों के माध्यम से ही किए जाते हैं। फिलहाल समूह सखियों ने चेतावनी दी है कि यदि ड्राई राशन और मानदेय से जुड़ी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया तो वे जिला मुख्यालय से लेकर लखनऊ तक आंदोलन करेंगी।


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