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मुख्य खबरें/न्यूज़/sonbhadra news amazing work of lal of the district became naib tehsildar by getting 22nd rank

Sonbhadra News: जिले के लाल का कमाल, 22वीं रैंक लाकर बने नायब तहसीलदार.

घोरावल तहसील के केवली गांव निवासी आनंद राज सिंह ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS 2024) परीक्षा में 22वीं रैंक हासिल कर नायब तहसीलदार पद पर चयनित होकर जिले का नाम रोशन किया है। करीब 4 वर्षों की मेहनत के बाद मिली इस सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले आनंद ने प्रयागराज में रहकर तैयारी की।

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10:45 AM, Mar 30, 2026

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Sonbhadra News: जिले के लाल का कमाल, 22वीं रैंक लाकर बने नायब तहसीलदार.
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दूसरी बार में आनंद ने किया सफलता हासिल, नायब तहसीलदार पद पर हुआ चयन।

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Story By: आर. एन. पाण्डेय, घोरावल।

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) द्वारा घोषित UPPCS 2024 के अंतिम परिणाम में जिले के घोरावल तहसील के केवली गांव निवासी आनंद राज सिंह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेकेंड अटेम्पट 22वीं रैंक हासिल कर नायब तहसीलदार पद पर चयनित होकर पूरे जनपद का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से गांव समेत पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है और लोग इसे जिले के लिए गौरव का क्षण बता रहे हैं। आनंद राज सिंह ने करीब चार वर्षों की निरंतर मेहनत, अनुशासन और लगन के बल पर यह सफलता अर्जित की है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा घोरावल क्षेत्र के संत कीनाराम विद्यालय से प्राप्त की। बचपन से ही मेधावी रहे आनंद ने पढ़ाई के साथ-साथ अपने व्यवहार और अनुशासन से शिक्षकों व सहपाठियों के बीच विशेष पहचान बनाई। उच्च शिक्षा के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रयागराज का रुख किया, जहां रहकर उन्होंने लगातार चार वर्षों तक कड़ी मेहनत की। आनंद एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। उनके पिता आत्मानंद सिंह व्यवसायी हैं, जबकि माता मंजू सिंह गृहिणी हैं। परिवार ने हर परिस्थिति में उनका साथ दिया और कभी संसाधनों की कमी महसूस नहीं होने दी। हालांकि जीवन में एक कठिन दौर तब आया जब उनके बड़े भाई अनुराग सिंह का एक दुर्घटना में निधन हो गया। इस दुखद घटना ने परिवार को झकझोर दिया, लेकिन आनंद ने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहे। पढ़ाई के साथ-साथ आनंद की खेलकूद में भी गहरी रुचि रही है। स्कूल के विभिन्न कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं में वे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। अपनी इस सफलता के बावजूद आनंद का लक्ष्य अभी और बड़ा है। वे आगे चलकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित होकर देश सेवा करना चाहते हैं। उनकी यह उपलब्धि जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।


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