Sonbhadra News: आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी.
सोनभद्र में आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा, वर्षों से लंबित मांगों पर सिर्फ आश्वासन मिलने का आरोप लगाया। सरकारी कर्मचारी का दर्जा, वेतन और पेंशन की मांग उठाई गई। समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी। संगठन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी चेतावनी दी।
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4:34 PM, May 1, 2026
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संगठन ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की भी चेतावनी दी।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश के बैनर तले कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। ज्ञापन में कहा गया कि प्रदेश में सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर लागू करने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की अहम भूमिका है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अपने ही मूल अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। संगठन ने आरोप लगाया कि वर्षों से मांगें उठाने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला है, समाधान नहीं। जिलाध्यक्ष प्रतिमा सिंह ने कहा कि 8 मार्च 2026 को महिला दिवस के अवसर पर हुए आंदोलन के बाद सरकार ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था। साथ ही चेतावनी दी गई थी कि यदि 30 अप्रैल तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ तो 1 मई से आंदोलन तेज किया जाएगा। अब समय सीमा बीतने के बाद संगठन में आक्रोश बढ़ गया है। संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को पूर्णकालिक सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सम्मानजनक वेतनमान लागू करने, पेंशन, PF, ग्रेच्युटी, महंगाई भत्ता, चिकित्सा सुविधा और मातृत्व लाभ सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। इसके अलावा अतिरिक्त कार्यों के लिए अलग पारिश्रमिक, स्पष्ट सेवा नियमावली और नौकरी की सुरक्षा की भी मांग की गई है। संगठन ने सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक पेंशन और आर्थिक सुरक्षा देने पर भी जोर दिया। आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यह ज्ञापन विरोध नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए अंतिम प्रयास है। यदि इस बार भी मांगों की अनदेखी हुई तो आंदोलन अनिश्चितकालीन और व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।



