Sonbhadra News: निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत से नाराज़ परिजनों ने जमकर काटा बवाल.
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मृतक बच्चे को जन्म देने वाली महिला की भी मौत हो गईं। परिजनों ने इलाज़ में लापरवाही का आरोप लगाकर अस्पताल में जमकर बवाल काटा। मामले को लेकर पुलिस जांच में जुटी है।
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4:32 PM, Sep 9, 2025
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रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में प्रसूता की मौत से मचा हड़कंप।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली अंतर्गत आने वाले उरमौरा स्थित रामा देवी अस्पताल एक बार फिर लापरवाही के मामले में घिर गया है। इस बार एक प्रसूता और उसके नवजात की मौत ने जिलेभर में हड़कंप मचा दिया है। मृतका की पहचान देवरी गांव निवासी महिला के रूप में हुई है, जिसे डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गर्भवती महिला की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। दरअसल रॉबर्ट्सगंज के देवरी गांव की 25 वर्षीय ममता को प्रसव पीड़ा के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां पर मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में बच्चा मृत दिख रहा है।
हैरान परिजन प्रसूता को उरमौरा स्थित निजी अस्पताल रामा हॉस्पिटल ले गए। वहां प्रसव के दौरान मृत बच्चे का जन्म हुआ। इस दौरान महिला की हालत बिगड़ने पर उसे वाराणसी रेफर कर दिया गया। वाराणसी में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद आक्रोशित परिजन शव लेकर उरमौरा स्थित रामा अस्पताल पहुंचे और जमकर हंगामा काटा। परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही से महिला की मौत हुई। ऑप्रेशन के दौरान टाका सही से नहीं लगाया गया था, जिससे लगातार ब्लड निकल रहा था। कई बार अस्पताल में मौजूद डॉक्टर को टोकने पर उन्होंने एम्बुलेंस बुलाकर वाराणसी रेफर कर दिया। इलाज़ की एवंज में लाखों रुपये अस्पताल पर ऐठने का भी परिजन आरोप लगा रहे है।
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मामले को लेकर सीओ सीटी रणधीर मिश्रा ने बताया कि देवरी निवासी ममता को राम हॉस्पिटल भर्ती कराया गया था। तबीयत ज्यादा खराब होने पर वाराणसी रेफर कर दिया गया था। जहां इलाज़ के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई है। परिजनों का आरोप है कि राम हॉस्पिटल में डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से मौत हुई है। परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। शव का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया है। अग्रिम विधिक कार्यवाही की जाएगी। बता दे कि रामा अस्पताल अस्पताल में लापरवाही के कई मामले सामने आ चुके है।
जिसमे कई मामले इलाज़ के दौरान मौत की भी है। लेकिन ऊंची पहुंच की वजह से अस्पताल पर कोई बड़ी कार्रवाई हुई हो ऐसी जानकारी अभी तक सामने नहीं आई। आखिर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की क्या मज़बूरी है जो अस्पताल पर लगातार लापरवाही का मामला सामने आने के बाद भी चुप्पी साधे हुए है। बात करें सोनभद्र में तो जिले भर में अवैध अस्पतालों की भरमार है, अवैध अस्पतालों के चक्कर में अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर अवैध पैथोलॉजी सेंटर बड़ी तादाद में स्वास्थ्य विभाग की मेहरबानी से खुले हुए है। लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती चली आ रही है। हालांकि जब भी कोई मामला आता है तो जांच कर कोरम पूरा करने का भरसक प्रयास किया जाता है।



