Sonbhadra News: बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में फिर मौत का तांडव, तेज रफ्तार टिपर ने युवक को कुचला, प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल.
ओबरा थाना क्षेत्र स्थित बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में शनिवार को तेज रफ्तार टिपर की चपेट में आने से 24 वर्षीय अंकित कुमार चौरसिया की मौत हो गई। घायल युवक को सीएचसी चोपन ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने अवैध खनन, बेलगाम भारी वाहनों और प्रशासनिक लापरवाही को हादसे का जिम्मेदार बताया है। क्षेत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है।
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12:51 PM, May 16, 2026
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जवान बेटे की मौत की ख़बर सुनते ही परिजनों में मचा कोहराम।
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Story By: आर. एन. पाण्डेय, ओबरा।
सोनभद्र।
ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के समीप बिल्ली चढाई में शनिवार को एक बार फिर तेज रफ्तार भारी वाहन ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। खदान से निकल रही एक अनियंत्रित टिपर की चपेट में आने से 24 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। वही चालक घटना स्थल से टीपर वाहन को लेकर फरार हो गया।घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और लोगों ने खनन क्षेत्र में अव्यवस्थित परिवहन, अवैध खनन तथा प्रशासनिक लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मृतक की पहचान अंकित कुमार चौरसिया पुत्र नंदलाल निवासी सेक्टर-8 आकाशवाणी कॉलोनी, ओबरा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि अंकित एमआर की नौकरी करता था और वो अपने घर सुबह रॉबर्ट्सगंज से ओबरा आ रहे थे। इसी दौरान लगभग 8:30 बजे सुबह बिल्ली मारकुंडी चढ़ाई के पास खदान से निकल रही तेज रफ्तार टिपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद वाहन चालक टीपर वाहन के साथ फरार हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चोपन ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। हालांकि घटना के बाद प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और टीपर वाहन समेत टीपर चालक की तलाश में जुटी है।
अस्पताल पहुंचने से पहले हो चुकी थी मौत-
सीएचसी चोपन में तैनात डॉक्टर सुनील यादव ने बताया कि दुर्घटना के बाद अंकित कुमार को अस्पताल लाया गया था, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जानकारी के अनुसार युवक का एक्सीडेंट बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में एक टिपर से हुआ था। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है।
परिजनों ने लगाया प्रशासन पर गंभीर आरोप-
मृतक के परिजन सत्य प्रकाश चौरसिया ने आरोप लगाया कि खनन क्षेत्र से निकलने वाले भारी वाहन लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं, लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता। उन्होंने कहा कि “खनन क्षेत्र में अवैध खनन का बोलबाला है। विभागीय अधिकारियों को सिर्फ मोटी रकम से मतलब है। टिपर चालक बख्शीश और अधिक चक्कर लगाने की लालच में तेज गति से वाहन चलाते हैं। यहां आम लोगों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है।” उन्होंने यह भी कहा कि बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र में लगातार हादसे हो रहे हैं। कुछ दिन पहले भी दुर्घटना हुई थी और इस महीने यह दूसरी या तीसरी बड़ी घटना है। इसके बावजूद न प्रशासन, न पुलिस और न ही जनप्रतिनिधि इस समस्या को गंभीरता से ले रहे हैं।
अवैध खनन के बाद अव्यवस्थित परिवहन बना जानलेवा-
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फ़ाइल फोटो।
खनन क्षेत्र में मानकों के विपरीत बड़े पैमाने पर अवैध खनन किए जाने के कारण प्रतिदिन भारी मात्रा में बोल्डर निकाले जा रहे हैं। इन बोल्डरों की ढुलाई के लिए हजारों की संख्या में टिपर दिन-रात सड़कों पर दौड़ रहे हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि क्षेत्र में भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए कोई प्रभावी स्पीड लिमिट व्यवस्था दिखाई नहीं देती। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिक चक्कर लगाने और बख्शीश पाने की लालच में टिपर चालक तेज रफ्तार से वाहन चलाते हैं। खदान संचालकों के दबाव में वाहन चालक बिना किसी सुरक्षा मानक का पालन किए सड़कों पर सरपट दौड़ते हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब भारी वाहन बेलगाम तरीके से चलेंगे तो दुर्घटनाएं होना तय है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक गंभीर नहीं हुए हैं।
कार्रवाई की मांग-
घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से खनन क्षेत्र में भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने, सुरक्षा व्यवस्था लागू करने तथा अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन नहीं जागा तो आने वाले दिनों में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
पहले ही दी गई थी ख़बर के माध्यम से बड़े हादसे की चेतावनी, फिर भी नहीं चेता प्रशासन-
खनन क्षेत्र में कानून की धज्जियां उड़ाते हुए नियमों को दरकिनार कर किए जा रहे परिवहन को लेकर दो दिन पहले ही खबर के माध्यम से चेतावनी दी गई थी कि प्रशासनिक लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। बावजूद इसके जिम्मेदार विभाग और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा यह हुआ कि आज एक परिवार ने अपने जवान बेटे को खो दिया, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन सख्ती दिखाता, भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण करता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराता तो शायद यह हादसा टल सकता था। लोगों ने मांग की है कि अब भी प्रशासन चेत जाए और खनन क्षेत्र में चल रहे अव्यवस्थित परिवहन तथा नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं पर काफी हद तक रोक लगाई जा सके।
