Sonbhadra News: टोल प्लाजा, अवैध खनन व सड़क समस्याओं को लेकर अपना दल ने डीएम को सौंपा ज्ञापन.
सोनभद्र में वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर टोल प्लाजा व्यवस्था को लेकर विवाद गहराया है। अपना दल के जिलाध्यक्ष अंजनी पटेल ने डीएम को ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि 112.92 किमी सड़क पर चार टोल प्लाजा बनाकर मनमाना टोल वसूला जा रहा है, जबकि मानक के अनुसार 60 किमी पर एक टोल होना चाहिए। लोढ़ी टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति बनी रहती है, कई लेन बंद रहने से एम्बुलेंस तक फंस जाती हैं।
sonbhadra
7:04 PM, Apr 27, 2026
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अपना दल ने अवैध खनन और सड़क क्षति का मुद्दा उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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जनपद में टोल प्लाजा व्यवस्था, अवैध खनन और सड़कों की खराब स्थिति को लेकर अपना दल ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। पार्टी के जिलाध्यक्ष अंजनी पटेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा और विभिन्न बिंदुओं पर जांच व कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग की स्थिति को प्रमुख मुद्दा बनाया गया। बताया गया कि इस मार्ग की कुल लंबाई 112.92 किलोमीटर है, लेकिन इस पर चार टोल प्लाजा स्थापित कर टोल वसूली की जा रही है, जो मानकों के विपरीत है। संगठन ने सवाल उठाया कि जब शासनादेश के अनुसार 60 किलोमीटर पर एक टोल प्लाजा होना चाहिए, तो इस मार्ग पर चार टोल प्लाजा किस आधार पर बनाए गए और किन अधिकारियों की अनुमति से इन्हें संचालित किया जा रहा है। साथ ही इन टोल प्लाजों को जारी की गई एनओसी की भी जांच कर उसे निरस्त करने की मांग की गई है। लोढ़ी टोल प्लाजा की स्थिति को लेकर भी गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई। ज्ञापन में कहा गया है कि यहां 16 लेन होने के बावजूद अक्सर 5 से 6 लेन बंद रहती हैं, जिससे भारी जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। कई बार एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी जाम में फंस जाती हैं। घंटों तक ट्रकों की लंबी कतारें लगने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि टोल प्लाजा प्रबंधन द्वारा सड़क की क्षति रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। साथ ही टोल प्लाजों पर एम्बुलेंस सुविधा, प्रदूषण नियंत्रण, शौचालय, साफ-सफाई और पानी छिड़काव जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। ज्ञापन में यह मांग भी की गई कि टोल प्लाजों पर कार्यरत कर्मचारियों की संख्या, उनकी वैधता, श्रम कानून के तहत पंजीकरण और असलहाधारी कर्मचारियों की जांच कराई जाए। ज्ञापन में टोल प्रबंधन द्वारा आपातकालीन सेवाओं को लेकर दी गई जानकारी को भ्रामक बताते हुए कहा गया कि वास्तविक स्थिति इससे अलग है और एम्बुलेंस को प्राथमिकता देने की व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू नहीं है। इसलिए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने जनपद में अवैध खनन और सड़कों की बदहाल स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि अवैध खनन के कारण सड़कों को भारी नुकसान पहुंच रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। इस पर भी तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान दिनेश बियार (राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य), अभिषेक पटेल (कार्यवाहक प्रदेश सचिव, युवा मंच), प्रीति सिंह राजपूत (कार्यवाहक प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, महिला मंच), सुरजीत पटेल, विनोद यादव, नीरज सिंह पटेल, चंद्रशेखर पटेल, स्नेहलता पांडेय, सत्यम जायसवाल सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
