Sonbhadra News: मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं का अंबार, संदीप मिश्र के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने अव्यवस्थाओं पर जताई नाराजगी.
सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं को लेकर विवाद गहरा गया है। बीती रात मरीजों ने इलाज प्रभावित होने और बिजली बाधित रहने की शिकायत की, जिसके बाद प्रतिनिधिमंडल अस्पताल पहुंचा। दुद्धी से आई एक महिला मरीज को सुबह से ओपीडी में भटकने का आरोप भी सामने आया। अस्पताल में साफ-सफाई, शौचालय, पेयजल और दवा उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठे। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने व्यवस्थाएं सुधारने का आश्वासन दिया है।
sonbhadra
5:23 PM, Apr 27, 2026
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कॉलेज प्रशासन ने माना बिजली समस्या से इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित, जनरेटर-इनवर्टर भी नाकाफी।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
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जनपद के राजकीय मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सोमवार को उस समय स्थिति गरमा गई, जब किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल इमरजेंसी वार्ड पहुंचा और वहां की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। मोर्चा की ओर से अस्पताल में अव्यवस्था, साफ-सफाई की कमी, पेयजल संकट और दवा उपलब्धता जैसे मुद्दों को उठाते हुए स्वास्थ्य मंत्री के नाम पांच सूत्रीय मांग पत्र मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) को सौंपा गया। मोर्चा की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में सोनभद्र में 100 बेड के नए अस्पताल के निर्माण की मांग भी प्रमुख रूप से शामिल है। किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र ने बताया कि बीती रात करीब 1:30 बजे उन्हें 8 से 10 मरीजों के फोन आए, जिनमें इलाज ठीक से न मिलने और अस्पताल में बिजली आपूर्ति ठप होने की शिकायत की गई। उन्होंने तत्काल मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका फोन बंद मिला। सुबह पुनः संपर्क कर पूरे मामले से अवगत कराया गया। संदीप मिश्र के अनुसार, जब से जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित किया गया है, तब से व्यवस्थाएं और बिगड़ गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल का स्टाफ मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार करता है और उन्हें अनावश्यक रूप से इधर-उधर दौड़ाया जाता है। दुद्धी क्षेत्र से आई एक महिला मरीज को सुबह 7 बजे से ही ओपीडी में भटकाया गया, जिससे उसकी हालत और खराब हो गई। अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। मरीजों के साथ आये तिरमदारों का कहना है कि नालियां जाम हैं, जिनमें गंदा पानी भरा हुआ है और शौचालयों की स्थिति अत्यंत खराब है। कई शौचालयों के दरवाजे टूटे हुए हैं, जिससे खासकर महिला मरीजों और उनके परिजनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। एक भर्ती मरीज ने बताया कि वह पिछले पांच दिनों से अस्पताल में है, लेकिन अब तक किसी वरिष्ठ डॉक्टर ने उसका मुआयना नहीं किया। मरीजों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में दवाएं उपलब्ध नहीं हैं और उन्हें बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। वहीं पीने के शुद्ध पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। अस्पताल परिसर में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं की कमी से मरीजों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इन सभी समस्याओं को लेकर किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा ने स्वास्थ्य मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें अस्पताल की व्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग की गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो जनहित में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। दूसरी ओर, मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि कुछ जीवन रक्षक दवाएं अस्पताल में उपलब्ध न होने के कारण बाहर से लिखी जाती हैं। प्रशासन ने दलालों की सक्रियता पर भी सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। प्राचार्य ने बताया कि शौचालय और ड्रेनेज सिस्टम की समस्या को लेकर जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है और जल्द ही सुधार कार्य कराया जाएगा। बिजली आपूर्ति की समस्या को लेकर भी अस्पताल प्रशासन ने स्वीकार किया कि इससे इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। हालांकि, जनरेटर और इनवर्टर के माध्यम से अस्थायी व्यवस्था की गई है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। प्राचार्य ने आश्वासन दिया कि अगले 7 से 10 दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर दिया जाएगा। फिलहाल, मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद प्रशासन के इन दावों पर टिकी हुई है। इस दौरान काल खरवार, तेतरी देवी, उदय सिंह, विवेक मालवीय, आकाश चौहान, सत्रुधन बिंद, विजय चौहान, दिनेश चेरो, संजय बियार, अरविंद चौहान, सुजीत विश्वकर्मा, सूरज कनौजिया सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
