Sonbhadra News: मालगाड़ी की चपेट में आया हाथी का बच्चा, जंगली हाथियों का झुंड घटनास्थल पर ही जमा.
सोमवार देर शाम बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड अंतर्गत महुआमिला-निद्रा के बीच चंदवा थाना क्षेत्र के पुतरी टोला गांव के पास एक जंगली हाथी का बच्चा मालगाड़ी की चपेट में आ गया। इस घटना में हाथी का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना उस समय हुई जब हाथियों का एक झुंड रेलवे लाइन पार कर रहा था। घटना के बाद से जंगली हाथियों का झुंड घटनास्थल पर ही जमा हुआ है, जिसके कारण बरकाकाना-टोरी रेलखंड पर रेलगाड़ियों का प
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9:47 AM, Feb 17, 2026
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ट्रेन हादसे के बाद कई ट्रेनें डायवर्ट, कुछ शॉर्ट टर्मिनेट, यात्रियों को भारी परेशानी।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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सोमवार देर शाम बरकाकाना-बरवाडीह रेलखंड अंतर्गत महुआमिला-निद्रा के बीच चंदवा थाना क्षेत्र के पुतरी टोला गांव के पास एक जंगली हाथी का बच्चा मालगाड़ी की चपेट में आ गया। इस घटना में हाथी का बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना उस समय हुई जब हाथियों का एक झुंड रेलवे लाइन पार कर रहा था।घटना के बाद से जंगली हाथियों का झुंड घटनास्थल पर ही जमा हुआ है, जिसके कारण बरकाकाना-टोरी रेलखंड पर रेलगाड़ियों का परिचालन रोक दिया गया है। जानकारी के अनुसार, सोमवार देर शाम करीब बजे हाथियों का झुंड रेलवे लाइन पार कर रहा था, तभी डाउन लाइन पर ट्रेन आ गई और हाथी का बच्चा उसकी चपेट में आ गया। हाथियों का झुंड घटना के बाद से आक्रोशित है और किसी को भी घटनास्थल के नजदीक नहीं जाने दे रहा है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू करने का प्रयास कर रही है। टीम हाथी को भगाने की कोशिश में जुटी है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उन्हें कामयाबी नहीं मिल सकी थी। स्टेशन अधीक्षक टोरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि अप और डाउन दोनों रेल लाइनों पर परिचालन ठप है। इस घटना के कारण रांची से दिल्ली जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस को राय स्टेशन पर और बरकाकाना से पटना जा रही पलामू एक्सप्रेस को खलारी स्टेशन पर रोक दिया गया है। घटना के बाद धनबाद मंडल रेलवे के अंतिम स्टेशन चोपन में भी स्थित परेशान करने वाली दिखी, क्योकि कई अधिकांश ट्रेने चोपन से भी होकर गुजरती है और यहां के रेलवे स्टॉफ भी बरकाकाना तक जाते है। मिली जानकरी के अनुसार बरकाकाना–बरवाडीह रेलखंड पर महुआमिलान–निंद्रा स्टेशन के बीच सोमवार शाम 18:25 बजे हाथियों का झुंड रेलवे ट्रैक पर आ गया। इसके कारण अप और डाउन दोनों लाइनों पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सुरक्षा कारणों से रेल प्रशासन ने कई ट्रेनों को डायवर्ट किया, जबकि कुछ को शॉर्ट टर्मिनेट या शॉर्ट ओरिजिनेट किया गया। बाद में अप लाइन को 15 किमी/घंटा की सीमित गति से बहाल कर दिया गया, लेकिन डाउन लाइन देर रात तक बाधित रही। इस घटना के कारण कई महत्वपूर्ण ट्रेनें डायवर्ट की गईं। अप दिशा में 13025 हावड़ा–भोपाल एक्सप्रेस, 12877 रांची–नई दिल्ली एक्सप्रेस, 13347 बरकाकाना–पटना एक्सप्रेस, 18635 रांची–सासाराम एक्सप्रेस, 18611 रांची–वाराणसी एक्सप्रेस, 18309 संबलपुर–जम्मू तवी एक्सप्रेस और 11448 हावड़ा–जबलपुर एक्सप्रेस शामिल हैं। इसी तरह, डाउन दिशा में 18524 बनारस–विशाखापट्टनम एक्सप्रेस, 21894 पटना–टाटानगर एक्सप्रेस, 13348 पटना–बरकाकाना एक्सप्रेस, 18310 डाउन एक्सप्रेस और 18010 डाउन एक्सप्रेस को भी डायवर्ट किया गया। कुछ पैसेंजर ट्रेनों को शॉर्ट टर्मिनेट या शॉर्ट ओरिजिनेट भी किया गया। इनमें 53358 डेहरी–बरकाकाना पैसेंजर (लातेहार तक), 53357 बरकाकाना–डेहरी पैसेंजर (लातेहार से), 63558 वाराणसी–बरकाकाना पैसेंजर (टोरी तक), 63557 बरकाकाना–वाराणसी पैसेंजर (टोरी से) और 53344 चोपन–गोमो पैसेंजर (महुआमिलान में समाप्त) शामिल हैं। इस व्यवधान के कारण कई एक्सप्रेस ट्रेनें 3 से 6 घंटे तक देरी से चलीं। कुछ ट्रेनों को रास्ते में रोकना पड़ा और बाद में डायवर्ट किया गया। मालगाड़ियों को भी विभिन्न स्टेशनों पर खड़ा करना पड़ा, जिससे उनकी आवाजाही भी प्रभावित हुई। यात्रियों को रातभर स्टेशनों और ट्रेनों में फंसे रहना पड़ा, जिससे उन्हें पानी और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं की समस्या का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों की कनेक्टिंग ट्रेनें छूट गईं, और लंबी दूरी के यात्रियों को वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ी। कार्यालय या अन्य आवश्यक कार्यों से यात्रा कर रहे लोगों की योजनाएं भी बाधित हुईं।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, वन विभाग द्वारा हाथियों को सुरक्षित स्थान पर हटाने के बाद ही डाउन लाइन पूरी तरह बहाल की जाएगी। फिलहाल, ट्रेनों का संचालन अनुमति के अनुसार जारी है।
