Sonbhadra News: भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करने सहित पांच सूत्रीय मांगें को लेकर भारतीय किसान यूनियन प्रदर्शन करते हुए पहुंचा कलेक्ट्रेट.
आज भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता गुट) के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में डीएम कार्यालय पहुंच भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा।
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4:26 PM, Feb 16, 2026
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किसान यूनियन ने राष्ट्रपति को नामित सौंपा ज्ञापन।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरों सोनभद्र।
सोनभद्र।
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आज भारतीय किसान यूनियन (अम्बावता गुट) के पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में डीएम कार्यालय पहुंच भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करने सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष संत श्याम सुंदर दास ने बताया कि "भारत देश किसानों का देश है और किसानों का उत्पीड़न किसी भी दशा में भारतीय किसान यूनियन (अंबावता गुट) बर्दाश्त नहीं करेगा। भारत अमेरिका ट्रेड डील रद्द किया जाए, एमएसपी को कानूनी दर्जा दिलाये जाने, वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन ₹5000 किया जाए, शिक्षा एवं चिकित्सा पूरे भारत में निःशुल्क किए जाने तथा पूरे भारत के कि सानों का कर्ज माफ़ किया जाए। संत श्याम सुंदर दास प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया पूरे भारत में भारतीय किसान यूनियन की सभी जिलों में 16 तारीख को ज्ञापन देकर सरकार को अवगत कराया जा रहा है कि भारत अमेरिका ट्रेड डील व्यापार समझौता तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। MSP ग्रांती कानून बनाया जाए। संपूर्ण भारत में किसानों का कर्जा माफ किया जाए। उत्तर प्रदेश वृद्ध विधवा विकलांग 5000 प्रति माह पेंशन किया जाए और शिक्षा व चिकित्स संपूर्ण भारत में निःशुल्क हो। भारत हमारा सीधा-साधा है और जो है भोला भाला है इसलिए अमेरिका का जो ट्रेड डील व्यापार के नाम पर किया जा रहा है। यहां जो है कि हम लोगों की इससे फायदा नहीं है इससे किसान भाइयों से कोई फायदा नहीं है यहां पर व्यापार करके एक गुना से चौगुन अपने देश ले जाएंगे किसान गरीबों के खेत में नहीं है यह ट्रेड डील। " इस दौरान प्रयागराज जिलाध्यक्ष अशोक विश्वकर्मा, मो० अनवर खान, सरोज देवी, राज देव, रामदास, देवी शरण, जगदीश, बाल गोविंद, अजय, बलवंत सिंह, रामकेश, फुलकुंवर, सीता कुंवर, सावित्री देवी, गणेश जायसवाल, केदार, प्रभा, मीना, सिरपति, रामेश्वर सहित बड़ी संख्य में किसान मौजूद रहे।
