Sonbhadra News: नशीली दवाओं के कारोबार पर ओबरा में बड़ा वार, मेडिकल स्टोरों पर पुलिस-ड्रग विभाग की छापेमारी.
ओबरा में नशीली दवाओं के अवैध इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए पुलिस और ड्रग विभाग ने संयुक्त चेकिंग अभियान चलाया। सीओ प्रभात राय और ड्रग इंस्पेक्टर राजेश मौर्या के नेतृत्व में करीब पांच मेडिकल स्टोरों की जांच की गई। जांच की भनक लगते ही कई मेडिकल संचालक दुकानें बंद कर फरार हो गए। अधिकारियों ने कहा कि बंद मेडिकल स्टोरों की भी जांच होगी और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
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5:45 PM, Aug 11, 2026
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ओबरा में मेडिकल स्टोरों की जांच करते पुलिसकर्मी और मीडिया से बातचीत करते सीओ प्रभात राय।
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Story By: विकास कुमार हलचल, ब्यूरो सोनभद्र।
सोनभद्र।
मादक पदार्थों की तस्करी और नशीली दवाओं के अवैध इस्तेमाल के खिलाफ ओबरा पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को क्षेत्राधिकारी ओबरा प्रभात राय और ड्रग इंस्पेक्टर राजेश मौर्या के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने ओबरा नगर क्षेत्र के कई मेडिकल स्टोरों की जांच की। जांच अभियान की भनक लगते ही कई मेडिकल स्टोर संचालक दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए। अधिकारियों ने बंद दुकानों को भी खुलवाकर जांच करने की बात कही है। सीओ प्रभात राय ने बताया कि ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त चेकिंग टीम और थाना ओबरा पुलिस के साथ मेडिकल स्टोरों की जांच की जा रही है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य सिरप और इंजेक्शन जैसी दवाओं के अवैध इस्तेमाल तथा इनके नशे के रूप में प्रयोग पर प्रभावी रोक लगाना है। उन्होंने बताया कि पूर्व में एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें सिरप और इंजेक्शन का नशे के रूप में इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई थी। इसी मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अभियान के दौरान टीम ने अब तक करीब पांच मेडिकल स्टोरों की जांच की है। अधिकारियों ने मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस की वैधता के साथ ही दवाओं की बिक्री से संबंधित जरूरी दस्तावेजों की भी जांच की। मेडिकल स्टोर संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि किसी भी दवा की बिक्री नियमों के विपरीत न की जाए और सिरप अथवा इंजेक्शन का नशे के लिए इस्तेमाल करने वाले लोगों को दवाएं न बेची जाएं।
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डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन और निर्धारित नियमों के अनुसार ही दवाओं की बिक्री करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब बीते दिनों ओबरा पुलिस ने बिल्ली क्षेत्र के रविदास नगर वार्ड नंबर-01 में दबिश देकर 23 वर्षीय रितेश जायसवाल को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे से 27.10 ग्राम अवैध हेरोइन, 207 सीसी कोडिश्रीन सीरप और 650 सीसी एविल इंजेक्शन समेत अन्य सामग्री बरामद हुई थी। बरामद सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 3.27 लाख रुपये बताई गई थी। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा गया है।
सीओ प्रभात राय ने कहा कि जो मेडिकल स्टोर जांच के दौरान बंद मिले हैं, उन्हें भी खुलवाकर जांच की जाएगी। अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शुभम जायसवाल से किसी तरह के लिंक या कनेक्शन के सवाल पर सीओ ने कहा कि फिलहाल चेकिंग और जांच की कार्रवाई चल रही है। अभी तक ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
